फ़ैयाज़ निसार हुसैन प्रेमजी
मुंबई पुलिस ने फ़ैयाज़ निसार हुसैन प्रेमजी को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने मुंबई के भायखला में मुहर्रम के आशूरा जुलूस के दौरान अत्यधिक विषैले रसायन जिंक फॉस्फाइड से भरे कैप्सूल बांटे। पुलिस पूछताछ में फ़ैयाज़ निसार हुसैन प्रेमजी ने स्वीकार किया कि वह कम से कम 15,000 लोगों को मारना चाहता था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फ़ैयाज़ निसार हुसैन प्रेमजी पुणे का निवासी है और उच्च शिक्षित है। उसने बैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री प्राप्त की है। वह पहले अपने पिता की कंपनी में काम करता था और बाद में नौकरी के लिए विदेश चला गया। पुलिस ने बताया कि वह पहले ईरान और इराक में काम कर चुका है, जबकि उसका परिवार वर्तमान में ईरान में रहता है। वह अपनी पत्नी से अलग रह रहा था।
मुहर्रम जुलूस से लगभग 15 दिन पहले फ़ैयाज़ निसार हुसैन प्रेमजी मुंबई आया और डोंगरी के एक लॉज में ठहरा। इस दौरान उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड (जो आमतौर पर चूहे मारने के ज़हर के रूप में इस्तेमाल होता है) और लगभग 30,000 खाली एंटीबायोटिक कैप्सूल मंगवाए। उसने खुद इन कैप्सूलों में जहरीला पदार्थ भरा। उसका निशाना विशेष रूप से आशूरा जुलूस में शामिल महिलाएं थीं।
फ़ैयाज़ निसार हुसैन प्रेमजी लोगों को यह कहकर कैप्सूल बांट रहा था कि वे दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं हैं। कुछ मामलों में उसने लोगों को इन्हें खाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु भीड़ में इन्हें “चॉकलेट” बताकर फेंका भी।
यह कथित साजिश रे रोड स्थित रहमताबाद कब्रिस्तान के पास सामने आई, जब एक महिला को मुफ्त में बांटे जा रहे कैप्सूलों पर शक हुआ। उसने कथित तौर पर एक कैप्सूल खोलकर देखा तो उसमें असामान्य पाउडर मिला, जिसके बाद उसने तुरंत भायखला पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने फ़ैयाज़ निसार हुसैन प्रेमजी को हिरासत में लिया और उसके पास से लगभग 14,900 कैप्सूल बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 11 लोगों ने पहले ही कैप्सूल खा लिए थे और बाद में उनकी तबीयत खराब हो गई। सभी पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया गया और समय पर इलाज मिलने के बाद अब उनकी हालत खतरे से बाहर हो गयी।
एक्सपर्ट के अनुसार जिंक फॉस्फाइड अत्यंत खतरनाक ज़हर है। शरीर में जाने के बाद यह पेट के अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करके फॉस्फीन गैस बनाता है, जो हृदय, फेफड़ों, लीवर और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि इस ज़हर का कोई सीधा प्रतिरोधक (एंटीडोट) उपलब्ध नहीं है।
शनिवार रात आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मुंबई पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस मामले का कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध या संभावित आतंकी कोण है या नहीं।
