मुंबई में दूध मिलावट के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, अमूल-गोकुल के नकली पाउच छापने वाला मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार

 

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दूध में मिलावट करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अमूल और गोकुल जैसे लोकप्रिय दूध ब्रांडों के नकली लोगो प्लास्टिक के खाली पाउच पर छापकर उन्हें दूध वितरकों को बेचता था। इन पाउच में बाद में मिलावटी दूध भरकर ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था।

क्राइम ब्रांच को मिली गुप्त सूचना के आधार पर इस सप्ताह की शुरुआत में दहिसर इलाके में छापेमारी की गई। पुलिस ने यहां एक दूध वितरक को एक लीटर दूध में एक लीटर पानी मिलाकर दूध में मिलावट करते हुए पकड़ा। आरोपी इस मिलावटी दूध को नकली ब्रांडेड पाउच में भर रहा था।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त नवनाथ धवले के मुताबिक, आरोपी असली दूध के पाउच में छोटा सा छेद कर उसमें मौजूद असली दूध निकाल लेते थे। इसके बाद उसी पाउच में मिलावटी दूध भरकर उसे दोबारा सील कर देते थे। इसके अलावा मुख्य आरोपी द्वारा उपलब्ध कराए गए नकली पाउच में भी मिलावटी दूध भर देते थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से अमूल ताजा, अमूल गोल्ड और गोकुल ब्रांड के दूध के पाउच और दूध जब्त किया है।

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी तेलंगाना निवासी रामुल्लू बोद्दुपल्ली के बारे में कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। रामुल्लू बोद्दुपल्ली ने करीब 10 लाख रुपये की प्रिंटिंग मशीन खरीदी थी। इसी मशीन की मदद से वह प्लास्टिक के पाउच पर लोकप्रिय दूध ब्रांडों के लोगो छापता था।

पुलिस के मुताबिक, रामुल्लू बोद्दुपल्ली वर्ष 2021 से दूध में मिलावट के कारोबार में शामिल था। उसने वसई के वालिव फाटा इलाके में इसके लिए एक यूनिट भी स्थापित कर रखी थी।

पुलिस के मुताबिक, रामुल्लू बोद्दुपल्ली रोजाना कम से कम 1,000 नकली लोगो वाले पाउच बेचता था। प्रत्येक पाउच 2.50 रुपये में बेचने पर उसकी रोजाना करीब 2,500 रुपये की कमाई होती थी।

पुलिस ने नकली ब्रांडेड पाउच तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जा रही प्रिंटिंग मशीन को भी जब्त कर लिया है।

मुख्य आरोपी रामुल्लू बोद्दुपल्ली को अंधेरी से गिरफ्तार किया गया। दूध वितरक भिक्षमया घंटा को दहिसर से पकड़ा गया, जबकि दो अन्य आरोपियों सैदुलु जंगली और यदय्या बतुल्लू को कुरार इलाके से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 274, 345, 347, 318 और 336 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत भी कार्रवाई की गई है।

Leave a Comment