मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की आर्थिक खुफिया इकाई (EIU) ने पोंजी और मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) निवेश रैकेट का पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने 5 से 7 प्रतिशत रिटर्न देने का लालच AI Origin और Digital Origin योजना के माध्यम से निवेशकों से 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
EIU ने पांच स्थानों पर छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान श्रीकृष्ण पांडुरंग चव्हाण, अंकुश शांताराम पाटिल, डॉ. सुदेश मोहिते और सुभाष पांधेरे के रूप में हुई है।
आरोपियों ने निवेशकों के बीच यह धारणा बनाई कि उनका पैसा BMC कॉन्ट्रैक्टिंग, गेमिंग एप्लिकेशन और सोलर प्रोजेक्ट्स जैसे व्यवसायों और परियोजनाओं में निवेश किया जा रहा है। यह योजना MLM मॉडल के जरिए संचालित की जा रही थी। शुरुआत में लोगों से सदस्यता के लिए 1,500 रुपये लिए जाते थे और इसके बाद उन्हें एक एप्लिकेशन का एक्सेस दिया जाता था।
सदस्यों को अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। दावा किया जाता था कि करीब 500 सदस्यों को जोड़ने के बाद कमाई शुरू हो जाएगी। इससे यह नेटवर्क तेजी से फैलता गया।
पुलिस ने आरे कॉलोनी स्थित पाम हाउस में मुख्य कार्यालय के अलावा वसई स्थित एक कार्यालय और तीन अन्य स्थानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस ने करीब 12 लाख रुपये नकद, एक BMW कार, एक Verna कार और सात लैपटॉप जब्त किए। इसके अलावा नौ बैंक खातों से संबंधित जानकारी भी बरामद की।
प्रचार गतिविधियों का हिस्सा बताकर आरोपी करीब 60 लोगों को थाईलैंड ले गए थे।
पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय हुई जब सातारा में एक कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन होने वाला था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही EIU ने हस्तक्षेप करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि यह योजना केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि गोवा और कर्नाटक में भी इसका नेटवर्क फैला हुआ था।
