शहज़ाद भट्टी
महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को राज्य के कई शहरों में छापेमारी कर वांछित पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से सोशल मीडिया संबंधों को लेकर 57 लोगों से पूछताछ की। यह कार्रवाई विशेष खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई, जिसमें संकेत मिले थे कि ये लोग हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए शहज़ाद भट्टी के संपर्क में थे। अधिकारियों ने बताया कि जांच के तहत उनकी साइबर गतिविधियों और मोबाइल संचार रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
यह ज्वाइंट ऑपरेशन बुधवार सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ और मुंबई, नालासोपारा, मीरा रोड, नागपुर, पुणे, अकोला, नांदेड़, नासिक, जलगांव, चंद्रपुर और भंडारा सहित कई शहरों में चलाया गया।
ATS के अनुसार ATS की यह कार्रवाई इस संदेह के आधार पर की जा रही है कि शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा रहा है। जांच एजेंसियां पिछले कुछ महीनों के दौरान इन 57 लोगों की गतिविधियों और आवाजाही का भी ब्यौरा जुटा रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे शहज़ाद भट्टी के कहने पर किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल थे।
शहज़ाद भट्टी पिछले कई वर्षों से भारतीय जांच एजेंसियों के रडार पर है और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी उसकी तलाश है। वह पंजाब के जालंधर जिले के रायपुर रसूलपुर गांव में पिछले साल 16 मार्च को यूट्यूबर रोजर संधू के घर पर हुए ग्रेनेड हमले की NIA जांच में फरार और आरोपपत्र दाखिल किया गया आरोपी है।
पिछले महीने NIA ने शहज़ाद भट्टी और भारतीय आरोपी डीपी सिंह उर्फ दीपान राणा के खिलाफ रोजर संधू के घर पर हुए ग्रेनेड हमले की साजिश रचने में कथित भूमिका को लेकर आरोपपत्र दाखिल किया था। इस मामले में शहज़ाद भट्टी को फरार आरोपी घोषित किया गया है।
NIA के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि शहज़ाद भट्टी ने विदेश से इस हमले का निर्देश दिया था। यह एक बड़े आतंकी षड्यंत्र का हिस्सा था, जिसमें टार्गेट किलिंग, भर्ती और भारत में हथियार तथा गोला-बारूद की तस्करी करने वाले आतंकी मॉड्यूल शामिल थे। शहज़ाद भट्टी ने एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर हमले में शामिल विभिन्न लोगों को निर्देश दिए, जबकि राणा ने स्थानीय स्तर पर प्रमुख सहयोगी की भूमिका निभाई और हमलावरों को रसद सहायता उपलब्ध कराई।
अब तक इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि शहज़ाद भट्टी सहित सात अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। NIA फरार आरोपियों का पता लगाने और ग्रेनेड हमले के पीछे मौजूद बड़े षड्यंत्र से जुड़े अन्य आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त करने के लिए जांच जारी रखे हुए है।
