रेलवे तकनीशियन के खाते में 1 रुपये जमा होने के बाद 7.15 लाख रुपये की ठगी

 

मुंबई में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पहले मामले में भारतीय रेलवे के 57 वर्षीय कर्मचारी के बैंक खाते में महज 1 रुपये जमा होने के बाद उनके खाते से 7.15 लाख रुपये निकाल लिए गए। वहीं, दूसरे मामले में 64 वर्षीय सेवानिवृत्त डाकिया के खाते से अनधिकृत यूपीआई (UPI) लेनदेन के जरिए 2.94 लाख रुपये की ठगी की गई।

FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता संतोष विष्णु फाटजी (57) लोअर परेल स्थित कैरेज रिपेयर वर्कशॉप में वरिष्ठ तकनीशियन के पद पर कार्यरत हैं। कथित साइबर ठगी की घटना 10 अक्टूबर को हुई, जब वह अपने कार्यस्थल पर थे। दोपहर करीब 3.56 बजे संतोष फाटजी को बैंक की ओर से एक अलर्ट मिला, जिसमें बताया गया कि उनके खाते से 49,000 निकाल लिए गए हैं। इसके बाद उन्हें खाते से और रकम कटने के लगातार संदेश मिलने लगे। इन संदिग्ध लेनदेन से घबराकर उन्होंने तुरंत अपने बेटे को फोन किया और घटना की जानकारी दी।

उनके बेटे ने उन्हें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का कस्टमर केयर नंबर भेजा, जिसमें संतोष फाटजी का खाता था। बेटे ने उन्हें बैंक से संपर्क कर खाता फ्रीज या ब्लॉक कराने की सलाह दी। इसके बाद संतोष फाटजी ने कस्टमर केयर से संपर्क कर अपना खाता ब्लॉक करवा दिया। हालांकि, तब तक साइबर ठग कई लेनदेन के जरिए उनके खाते से कुल 7.15 लाख रुपये निकाल चुके थे।

कांदिवली स्थित अपने घर लौटने के बाद संतोष फाटजी ने मोबाइल फोन पर आए संदेशों की जांच की। इस दौरान उन्होंने पाया कि उसी दिन दोपहर करीब 2.37 बजे उनके बैंक खाते में 1 रुपये जमा होने का लेनदेन दर्ज था। उन्हें संदेह है कि इसके बाद हुई साइबर ठगी का संबंध इसी लेनदेन से हो सकता है।

अपनी शिकायत में संतोष फाटजी ने यह भी बताया कि खाते से पैसे निकाले जाने के दौरान उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर बैंक की ओर से कोई अलर्ट नहीं आया।

उन्होंने इस घटना की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की। उनकी शिकायत के आधार पर एन.एम. जोशी मार्ग पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

UPI के जरिए सेवानिवृत्त डाकिये से 2.94 लाख रुपये की ठगी

एक अन्य घटना में वर्ली कोलीवाड़ा निवासी 64 वर्षीय सेवानिवृत्त डाकिये सुधाकर पांडुरंग बांदकर के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से अनधिकृत UPI लेनदेन के जरिए 2.94 लाख रुपये निकाल लिए गए।

शिकायत के अनुसार, 13 अक्टूबर को रात करीब 8 बजे सुधाकर बांदकर का मोबाइल फोन अचानक काम करना बंद कर गया। लगभग एक घंटे बाद फोन अपने आप फिर से काम करने लगा। इसी तरह की घटना 15 और 17 अक्टूबर को भी हुई। इन दोनों मौकों पर भी उनका फोन हैंग हो गया और करीब 30 मिनट बाद दोबारा चालू हुआ।

19 अक्टूबर को जब सुधाकर बांदकर ऑनलाइन भुगतान करने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें एक संदेश मिला, जिसमें लिखा था, “आपने UPI के जरिए 24 घंटे में 1 लाख रुपये की भुगतान सीमा पूरी कर ली है।”

इसके बाद उनकी बेटी ने उनके गूगल पे (GPay) खाते की लेनदेन हिस्ट्री की जांच की। इसमें कई संदिग्ध लेनदेन सामने आए। जांच में पता चला कि 17 अक्टूबर को दोपहर करीब 12.50 बजे सादिक आलम के नाम पर 98,000 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद 18 अक्टूबर को अजय प्रधान के नाम पर 98,000 रुपये निकाले गए। वहीं, 19 अक्टूबर को श्रीमती गुलबदान के नाम पर 98,000 रुपये की एक और रकम निकाल ली गई। इन तीनों लेनदेन के जरिए कुल 2.94 लाख रुपये की ठगी हुई।

सुधाकर बांदकर की शिकायत के बाद दादर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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