अनिल मिश्रा
अकेला
राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, गृह मंत्री और दादासाहब फाल्के जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ खेलनेवाला अनिल मिश्रा चिन्दी चोर भी है। ABI ने डिटेक्ट किया है कि अनिल मिश्रा रेलवे की चादरें चुराता है। उधर उसके खिलाफ FIR दर्ज होते ही उसने 20 फरवरी को आयोजित अवॉर्ड शो रद्द कर दिया है।
पिछले एक सप्ताह से अनिल मिश्रा और अभिषेक मिश्रा का नाम हेडलाइन्स और ब्रेकिंग में छप रहा है। लेकिन गलत सन्दर्भ में। इनके खिलाफ मुंबई के उपनगर बांद्रा पुलिस स्टेशन में चीटिंग की FIR दर्ज हुई है। भारतीय जनता पार्टी की चित्रपट आघाड़ी यूनिट के प्रदेशाध्यक्ष समीर दीक्षित की शिकायत पर बांद्रा पुलिस ने 5 फरवरी 2025 को अनिल मिश्रा और अभिषेक मिश्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) की धारा 318 (4) तथा 319 (2) के तहत FIR (संख्या- 0192/2025) दर्ज की है। तब से पिता-पुत्र दोनों फरार हैं। आगामी 20 फरवरी 2025 को इसने बांद्रा के पांच सितारा होटल ताज लैंड्स इन्ड में अवॉर्ड शो रखा था। फरारी काटने की वजह से इसने अवॉर्ड शो रद्द कर दिया है।
भारतीय फिल्म जगत के युगपुरुष धुंडिराज गोविन्द फाल्के उर्फ़ दादासाहब फाल्के के नाम पर अनिल मिश्रा फर्जी अवॉर्ड शो दादासाहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड (DPIFF) करता है। इस शो में फ्लॉप-फ्लॉप फिल्मों के एक्टर-एक्ट्रेस को ‘बेस्ट’ का अवॉर्ड बेचता है। करोड़ों रुपये कमाता है। एक्टर-एक्ट्रेस को इम्प्रेस करने के लिए वह महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा आदि का नाम लेता है। ऐसा बताता है कि उसका शो सरकारी है और ये महानुभाव उसमें पार्टिसिपेट करेंगे। इसके उलट अनिल मिश्रा चिन्दीचोर भी है।
ABI अब यह उजागर कर रहा है कि अनिल मिश्रा रेलवे की चादरें चुराता है। ABI का यह दावा परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर है। हुआ यूँ कि अनिल मिश्रा और उसके बेटे के खिलाफ FIR दर्ज होते ही वह इमोशनल कार्ड खेलने लगा। उसने अपने परिवार की एक महिला से वीडियो बनवाया और इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। वीडियो का मजमून था कि इन सबके पीछे एक बहुत बड़ी फिल्म प्रोडक्शन कंपनी है। उसके चेयरमैन और निदेशक यह सब करवा रहे हैं। वीडियो को ध्यान से देखने पर ABI की नज़र उस चादर पर पड़ गई। जो महिला वीडियो बना रही है उसने एक चादर को अपने पीछे परदे जैसा प्रयोग किया है। इस चादर पर अंग्रेजी में वेस्टर्न रेलवे 2023 लिखा हुआ है। रेलवे की यह चादर अनिल मिश्रा के घर में कैसे पहुंची। जरूर अनिल मिश्रा या उसकी बीवी पार्वती मिश्रा ने चुराया होगा। अब ज़्यादा संभव है कि अनिल मिश्रा फितरतन फाइव स्टार होटलों से चांदी के चम्मच और रूमाल भी चुराता होगा।
बता दें कि प्रति वर्ष रेलवे में बड़ी संख्या में बेडरोल का सामान चोरी हो जाता है। एक आंकड़े के अनुसार वर्ष 2017-18 में 1.95 लाख तौलिया, 81,776 चादरें, 5,038 तकिये का कवर और 7,043 कंबल चोरी हुए थे। माना जाता है कि इस सामान की वैल्यू करीब 14 करोड़ रुपये है। यह भी बता दें कि अनिल मिश्रा के घर से रेलवे की बेडशीट बरामद होने पर उसके खिलाफ रेलवे प्रॉपर्टी एक्ट 1966 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इस जुर्म के लिए उसे पांच साल जेल की सजा और एक हजार रुपये नकद जुर्माना हो सकता है।
मुंबई पुलिस ने अनिल मिश्रा को 31 अक्टूबर 2014 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शपथ समारोह में (वानखेड़े स्टेडियम में) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नजदीक पहुँच जाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अनिल मिश्रा ने फर्जी VIP पास बनवा लिया था।
