दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी मंदिर के पास भूलाभाई देसाई रोड, तिरुपति अपार्टमेंट में रहने वाली 68 वर्षीय उषा उदय नायक ने अपने देवर और एक अन्य रिश्तेदार के खिलाफ चीटिंग की FIR दर्ज कराई है। आरोपियों ने फर्जी पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी (POA) बनाकर उषा नायक की पुश्तैनी जमीन बेच दी।
गांव देवी पुलिस ने उषा नायक की शिकायत पर 13 अप्रैल 2025 को IPC की धारा 34, 406 और 420 के तहत राजीव दामोदर नायक और प्रकाश गंगाधर नायक के खिलाफ FIR (नंबर जीरो (003-2025) दर्ज की है। घटना 21 अक्टूबर 2014 से 30 दिसम्बर 2014 के बीच की है।
जिस जमीन का विवाद है वह विरार में है। इसकी कुल कीमत लगभग 5.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। एफआईआर के अनुसार उषा नायक के दिवंगत पति उदय दामोदर नायक, उनके दो भाई—दत्तात्रय नायक और राजीव नायक तथा चचेरे भाई प्रकाश नायक ने वर्ष 1989 के बाद विरार के दामोदरनगर क्षेत्र में सर्वे नं. 316/4, 313/2/8 और 317/6 के तहत कुल लगभग 3,290 वर्ग मीटर भूमि खरीदी थी, जो संयुक्त स्वामित्व में थी। वर्ष 1989 में परिवार के सदस्य ने भूमि विकास के उद्देश्य से राजीव नायक को पावर ऑफ अटॉर्नी (पीओए) दिया था, जिसे बाद में उदय नायक और उषा नायक ने 5 अप्रैल, 2014 को कानूनी रूप से रद्द कर दिया। आरोप है कि इसके बावजूद राजीव और प्रकाश नायक ने पुराने पीओए का दुरुपयोग करते हुए, बिना किसी वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के ज़मीन को न्यू चिनार को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के डेवलपर्स को बेच दिया। डेवलपर्स ने यहां सुयश को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी नाम से बिल्डिंग बना दी। उषा नायक का आरोप है कि इस प्रक्रिया में जालसाज़ी, फर्जी घोषणाएं, और जानबूझकर की गई धोखाधड़ी शामिल हैं, जिससे परिवार के विश्वास का घोर उल्लंघन हुआ है।
अपने पति द्वारा जमा की गई पूंजी के ब्याज पर गुजर-बसर कर रही उषा नायक ने न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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