मीठी नदी परियोजना से जुड़े 115.65 करोड़ रुपये के मुकदमे को खारिज करने से बॉम्बे हाईकोर्ट का इन्कार

  बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2007 में मीठी नदी के चौड़ीकरण और गहरीकरण की परियोजना से जुड़े 115.65 करोड़ रुपये के मुकदमे को खारिज करने से इन्कार कर दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) के नाम से मुकदमा दायर करना एक प्रक्रियात्मक गलती थी, जिसे कानून के तहत सुधारा जा सकता है। न्यायमूर्ति संदीप मारणे ने मुकदमा खारिज करने की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वादी का नाम गलत तरीके से दर्ज होना अपने आप में मुकदमे को खारिज करने का आधार…

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