मैं मुंबई को फिर से गैंगवार के दौर में जाने नहीं दूंगा- मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस

 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने बुधवार को फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर हाल ही में हुई फायरिंग की घटना के बाद फिल्म उद्योग को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार मुंबई को फिर से अंडरवर्ल्ड के प्रभुत्व वाले दौर में नहीं जाने देगी। राज्य सरकार ने केंद्र से गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की हिरासत मुंबई पुलिस को सौंपने का भी अनुरोध किया है ताकि जांच की जा सके।

विधान परिषद में शिवसेना (UBT) के एमएलसी सचिन अहीर और मिलिंद नार्वेकर द्वारा मुंबई में सेलिब्रिटीज को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाए जाने को लेकर उठाई गई चिंताओं के जवाब में देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं सेलिब्रिटीज से अपील करता हूं कि वे डरें नहीं। हम मुंबई को गैंगवार के दिनों में लौटने नहीं देंगे। बता दें कि देवेन्द्र फड़णवीस के पास गृह विभाग भी हैं।

लिखित जवाब में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने बताया कि यह घटना 1 फरवरी की रात हुई, जब एक अज्ञात व्यक्ति ने जुहू स्थित रोहित शेट्टी के आवास पर फायरिंग की। एक गोली कंपाउंड की दीवार से टकराई, जिसके बाद जुहू पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और बाद में इसे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। इस घटना में कुल पांच राउंड फायरिंग हुई, जिनमें से एक गोली इमारत के कांच के पैनल पर भी लगी। पुलिस ने पांच खाली कारतूस बरामद किए हैं और आगे की जांच जारी है।

पुलिस ने एक आरोपी की पहचान शुभम लोणकर के रूप में की, जिसका संबंध बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है। शुभम लोणकर की गिरफ़्तारी के प्रयास जारी हैं। अकोला जिले के रहने वाले शुभम लोणकर को विदेश से ऑर्डर मिलते हैं। शुभम लोणकर पहले एक कांग्रेस विधायक और हाल ही में एक भाजपा विधायक को भी धमकी दे चुका है। उसका भाई पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

देवेन्द्र फड़णवीस ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि वर्तमान में National Investigation Agency (NIA) की हिरासत में मौजूद गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंपा जाए। NIA ने अनमोल बिश्नोई को गिरफ्तार किया है और वह उनकी हिरासत में है। हमने केंद्र से मांग की है कि अनमोल बिश्नोई की कस्टडी मुंबई पुलिस को दी जाए, क्योंकि वे उससे कुछ अन्य मामलों में भी पूछताछ करना चाहते हैं। NIA की हिरासत खत्म होने के बाद हमें उसकी कस्टडी मिल जाएगी।

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