रूपाली चाकणकर ने पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से मुलाकात कर तांत्रिक अशोक खरात मामले की SIT जांच की मांग की

महाराष्ट्र के नासिक शहर के तांत्रिक अशोक खरात मामले को लेकर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने मामले की गहन जांच की मांग को लेकर पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से मुलाकात की है। उन्होंने इस संबंध में राज्य महिला आयोग की ओर से पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते को एक पत्र भी सौंपा है। इस पत्र में कहा गया है कि अशोक खरात महिला अत्याचार मामले की गहन और निष्पक्ष जांच हो, साथ ही इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं। रूपाली चाकणकर ने ट्वीट कर इस पत्र की तस्वीर भी साझा की है।
पत्र में लिखा है कि…
“महोदय, नाशिक के स्वयंघोषित ज्योतिषी अशोक खरात (कैप्टन) द्वारा एक 35 वर्षीय महिला के साथ पिछले तीन वर्षों से बार-बार बलात्कार करने और उसे धमकाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। इस मामले में नाशिक पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से 58 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिलने की जानकारी मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई है।”
“महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग इस घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है। यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोपी द्वारा आस्था का दुरुपयोग कर कई महिलाओं के यौन शोषण किए जाने की प्रबल आशंका है। मामले की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया है। आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में इस मामले की जांच निष्पक्ष और शीघ्र पूरी होगी, ऐसा मुझे विश्वास है। महिला आयोग की ओर से आपको सूचित किया जाता है कि—
1.मामले की गहन और निष्पक्ष जांच: आरोपी के समाज के विभिन्न स्तरों के लोगों से संबंधों को देखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि जांच पर कोई राजनीतिक या बाहरी दबाव न पड़े और विशेष जांच दल (SIT) निष्पक्ष रूप से जांच करे।
2.पीड़ितों की सुरक्षा: मिले 58 वीडियो में दिखाई देने वाली पीड़ित महिलाओं की पहचान गोपनीय रखी जाए, उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए विश्वास में लिया जाए और आवश्यक पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
3.कड़ी कानूनी कार्रवाई: यदि आरोपी ने डिजिटल सबूत (वीडियो) का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया है, तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत अतिरिक्त धाराएं लगाकर सख्त कार्रवाई की जाए।
4.समयबद्ध जांच: मामले की जांच निर्धारित समयसीमा में पूरी कर जल्द से जल्द आरोपपत्र (चार्जशीट) अदालत में पेश किया जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल सके।
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग इस पूरे मामले की जांच पर नजर रखे हुए है। इस मामले की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर आयोग को प्रस्तुत करने के लिए नाशिक पुलिस आयुक्त को सूचित करने का अनुरोध किया गया है।
बता दें कि तांत्रिक अशोक खरात मामले में सबसे ज़्यादा मुश्किल में रूपाली चाकणकर ही आई हैं। अशोक खरात और रूपाली चाकणकर की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं। एक तस्वीर में रूपाली चाकणकर अशोक खरात के पैर धोकर अपनी साड़ी के पल्लू से उसका पैर पोछती हैं। दूसरी तस्वीर में वे अशोक खरात के सिर पर छाता लेकर खड़ी हैं।

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