ऋषिकेश वैद्य
नासिक के तांत्रिक/ज्योतिष अशोक खरात के बलात्कार की खबरें अभी भी पीक पर हैं। इस बीच पुणे की हड़पसर पुलिस ने वसई के स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु ऋषिकेश वैद्य को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पालघर जिले की माणिकपुर पुलिस ने गुरुवार को वसई के ऋषिकेश वैद्य के खिलाफ बलात्कार की FIR दर्ज की थी। उस FIR को पुणे पुलिस को ट्रांसफर कर दिया था। ऋषिकेश वैद्य पर आरोप है कि उसने 2023 से 2025 के बीच खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर एक महिला का यौन शोषण किया।
पुलिस ने बताया पीड़ित महिला (35) पुणे की रहेवाली है। उसने माणिकपुर पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात 2023 में फेसबुक के माध्यम से ‘आमची वसई’ (Our Vasai) संगठन के प्रमुख के रूप में ऋषिकेश वैद्य से हुई थी। ऋषिकेश वैद्य ने उसकी धार्मिक आस्था का फायदा उठाया और आध्यात्मिक शिक्षा देने के बहाने उससे नजदीकियां बढ़ाईं। दिसंबर 2023 में ऋषिकेश वैद्य महिला से मिलने पुणे गया और खुद को “भगवान शिव का अवतार” तथा महिला को “उसकी पार्वती” बताया। इसके बाद वह उसे मंजरी स्थित एक लॉज में ले गया, जहां उसने उसे नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बेहोशी की हालत में उसने महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींच लीं।
बाद में इन्हीं तस्वीरों के आधार पर उसने महिला को ब्लैकमेल किया और वसई में मिलने के लिए मजबूर किया। मई 2025 में उसने पीड़िता को वसई के ‘एक्सप्रेस इन’ होटल में बुलाया और दोबारा यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारी के अनुसार, महिला ने बताया कि नाशिक के अशोक खरात से जुड़े इसी तरह के मामले की खबरें देखने के बाद उसने हिम्मत जुटाई और अपने पति को पूरी घटना बताई।
महिला की शिकायत के आधार पर माणिकपुर पुलिस ने बुधवार शाम ऋषिकेश वैद्य के खिलाफ FIR दर्ज की। माणिकपुर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक हीरालाल जाधव ने बताया कि मामला बाद में पुणे के हड़पसर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया, क्योंकि दुष्कर्म की शुरुआती घटना वहीं हुई थी। हड़पसर पुलिस ने माणिकपुर पुलिस की सहायता से 27 मार्च 2026 की रात 11 बजे ऋषिकेश वैद्य को गिरफ्तार कर लिया। महिला का आरोप लगाया है कि ऋषिकेश वैद्य ने खुद को आध्यात्मिक गुरु बताकर कई युवतियों को अपने जाल में फंसाया और उनका यौन शोषण किया।
