महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) बेटिंग सिंडिकेट के खिलाफ अपनी कार्रवाई के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कारोबारी विकास गर्ग से जुड़ी 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं। ED का आरोप है कि ये संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) और स्काईएक्सचेंज प्लेटफॉर्म के अवैध सट्टेबाजी कारोबार से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के जरिए खरीदी गई थीं।
ED अधिकारियों के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियां विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके स्वामित्व या नियंत्रण वाली कंपनियों की हैं। इनमें आवासीय फ्लैट, भूमि के भूखंड, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां (सिक्योरिटीज) शामिल हैं।
ED के मुताबिक सट्टेबाजी सिंडिकेट से अर्जित अपराध की आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) को कई स्तरों वाले शेल कंपनियों के नेटवर्क, फर्जी वित्तीय प्रविष्टियों (अकॉमोडेशन एंट्री) और जटिल वित्तीय लेन-देन के माध्यम से वैध धन के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।
ED का आरोप है कि 940.77 करोड़ रुपये की राशि विकास गर्ग से जुड़ी संस्थाओं के माध्यम से प्रवाहित की गई और बाद में इसका इस्तेमाल शेयरों, प्रतिभूतियों तथा अन्य संपत्तियों की खरीद में किया गया।
ED ने वर्ष 2022 में इस मामले की जांच शुरू की थी। यह जांच छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पुलिस द्वारा बेटिंग प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी। इन मामलों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ED का दावा है कि महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) देश में अब तक उजागर हुए सबसे बड़े अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट में से एक है। यह दुबई सहित विदेशों से फ्रेंचाइज़ी आधारित नेटवर्क के जरिए संचालित होता था और कथित तौर पर हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई करता था।
अब तक ED इस मामले में सात अस्थायी कुर्की आदेश (प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर) जारी कर चुकी है और कई आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायतें (प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट) भी दायर कर चुकी है। इनमें वांछित सह-प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल भी शामिल हैं। सौरभ चंद्राकर को पिछले महीने ओमान में हिरासत में लिया गया था और फिलहाल भारत प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
ताजा कुर्की के बाद इस मामले में अब तक कुर्क, जब्त या फ्रीज की गई कुल संपत्तियों का मूल्य बढ़कर लगभग 3,800 करोड़ रुपये हो गया है।
