CBI ने सिलवासा RTO अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज की

 

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के निरीक्षक और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि उन्होंने मुंबई के मालाड स्थित एक बस ऑपरेटर द्वारा खरीदे गए वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करने के लिए पैसे की मांग की।

CBI के अनुसार शिकायतकर्ता मालाड (पश्चिम) में रहता है। वह स्कूल बसों के स्वामित्व और संचालन का व्यवसाय करता है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने 16 मार्च को एक वाहन बुक किया था और 27 मार्च को उसे वाहन के कागजात मिले, जिनकी इनवॉइस कीमत 11.95 लाख रुपये थी। शिकायतकर्ता उस वाहन का पंजीकरण सिलवासा RTO में अपने किराए के पते का उपयोग करके कराना चाहता था।

शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि 1 अप्रैल को वह अपने नए वाहन के पंजीकरण के संबंध में जानकारी लेने के लिए सिलवासा RTO गया, जहां उसकी मुलाकात RTO निरीक्षक बी. पवार से हुई। इस दौरान शिकायतकर्ता ने बी. पवार को बताया कि उसने वाहन बुक किया है और उसे सिलवासा RTO कार्यालय में पंजीकृत कराना चाहता है।

CBI अधिकारी के अनुसार, “इस पर पवार ने अवैध रूप से वाहन की इनवॉइस कीमत का 1 प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांगा और शिकायतकर्ता को निर्देश दिया कि वह रिश्वत की व्यवस्था के लिए सिलवासा के एक मोटर ड्राइविंग स्कूल से जुड़े दूसरे आरोपी से संपर्क करे। बी. पवार के निर्देश पर शिकायतकर्ता ने सह-आरोपी से मुलाकात की, जिसने भी पैसे की मांग को दोहराया और यह आश्वासन दिया कि उक्त राशि मिलने पर बी. पवार जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन नंबर जारी कर देगा।

शिकायतकर्ता, जो रिश्वत नहीं देना चाहता था, आगे की कार्रवाई के लिए CBI के पास गया। शिकायत का सत्यापन स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में गोपनीय तरीके से किया गया। शिकायतकर्ता से पैसे की मांग की पुष्टि होने के बाद, सार्वजनिक सेवक द्वारा रिश्वत लेने और भ्रष्ट या अवैध तरीकों से या व्यक्तिगत प्रभाव का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने से संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली।

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