पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा ने की थी गैंगस्टर रफीक डब्बावाला की ‘टार्गेट किलिंग’, ‘धुरंधर’ वकील घनश्याम उपाध्याय ने की FIR दर्ज करने की शिकायत

घनश्याम उपाध्याय और प्रदीप शर्मा

मुंबई पुलिस के अखबारी इन्कॉउंटर किंग, इन्कॉउंटर स्पेशलिस्ट, टॉप-कॉप और न जाने क्या-क्या रहे प्रदीप शर्मा उर्फ़ PS ने खुद कह दिया कि उसने गैंगस्टर रफीक डब्बावाला को फर्जी इन्कॉउंटर में मारा था। PS ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि यह ‘टार्गेट किलिंग’ का मैटर था। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के ‘धुरंधर’ वकील घनश्याम उपाध्याय ने शिकायत कर PS के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज करने की मांग की है।

LAW JURIS फर्म के संचालक और बॉम्बे हाई कोर्ट के ‘टॉप लॉयर’ वकील घनश्याम उपाध्याय ने 16 जून 2026 को राज्य पुलिस महानिदेशक, मुंबई पुलिस आयुक्त, संयुक्त आयुक्त (अपराध), राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को लिखित शिकायत कर प्रदीप शर्मा उर्फ़ PS के खिलाफ भादंसं की धारा- 302, 120(बी), 201, 218, और 34 के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है। शिकायत की प्रति ABI (abinewz.com) के पास है।

घटनाक्रम के अनुसार कुछ साल पहले PS ने एक यू ट्यूबर (नया नाम पॉडकास्ट) को इंटरव्यू दिया था। उस इंटरव्यू में उसने बताया कि सुभाष सिंह ठाकुर गैंग के सदस्य रफीक डब्बावाला को इन्कॉउंटर में मारने के लिए उसने उसे 10 साल ट्रैक किया। 10 साल पहले स्पेशल डायरी बनाई थी।

एकदिन PS अपने बिल्डर दोस्त के साथ खाना खा रहा था। तभी रफीक डब्बावाला का बिल्डर को एक्सटॉरशन के लिए फोन आया। बिल्डर घबरा गया। बिल्डर ने फोन PS को दे दिया। PS ने रफीक डब्बावाला को अपना नाम (प्रदीप शर्मा) बताया लेकिन उसने प्रदीप शर्मा शब्द को थोड़ी भी तवज़्ज़ो नहीं दी। वह प्रदीप शर्मा ‘नाम’ से थोड़ा भी नहीं घबराया।

रफीक डब्बावाला बोला- क्या हो गया बोले तो।

यू ट्यूबर भी आश्चर्य से पूछता है कि आपके नाम (प्रदीप शर्मा) से वह (रफीक डब्बावाला) थोड़ा भी नहीं घबराया ? PS बताता है कि- नहीं नहीं डरा नहीं।

बल्कि रफीक डब्बावाला PS से पूछता है कि- तू पैसा लेता नहीं क्या ? तुम्हें भी पैसा चाहिए। पैसा देने को बोलो उसको (बिल्डर को)।

इस पर PS कहता है- गांडू तेरे को देख लूंगा। रफीक डब्बावाला कहता है- तू क्या देखेगा।

PS बताता है कि रफीक डब्बावाला ने एक दो गाली और दे दी मुझे।

फिर PS बोला- साले तेरे को ठोकूंगा तो ठोकूंगा।

फिर कुछ दिन बाद PS ने रफीक डब्बावाला को इन्कॉउंटर में मार दिया।

टार्गेट किलिंग का PS का कुबूलनामा (साक्षात्कार) पुराना है। रफीक डब्बावाला का टार्गेट किलिंग (फर्जी इन्कॉउंटर) भी पुराना है। लेकिन किसी ने अभी इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वकील घनश्याम उपाध्याय को भी फॉरवर्ड कर दिया। घनश्याम उपाध्याय ने शिकायत में इस मामले में SIT से इंक्वायरी करवाने की मांग की है। ABI से बातचीत में घनश्याम उपाध्याय ने बताया कि वे जल्दी ही इस मैटर में PIL/WP फाइल करेंगे। उनका भी ‘टार्गेट’ है कि इस मैटर में प्रदीप शर्मा के खिलाफ FIR हो और वह अरेस्ट हो।

घनश्याम उपाध्याय ने शिकायत पत्र में ज़िक्र किया है कि प्रदीप शर्मा कई कंपनियों में डायरेक्टर है। कई कंपनियों में शेयर होल्डर है। अनुमान है कि प्रदीप शर्मा 15,000 करोड़ रुपये का आसामी है। इसकी प्रॉपर्टी की IT, ED और CBI से जांच होनी चाहिए।

फिलहाल, फेक इन्कॉउंटर, मर्डर, FIR, इंक्वायरी, अरेस्ट, जेल, बेल, अकूत संपत्ति प्रदीप शर्मा के लिए बहुत सामान्य घटनाएं हैं।

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