महानगर गैस लिमिटेड (MGL) के भुगतान अलर्ट के रूप में छिपी हुई दुर्भावनापूर्ण APK फाइलों का इस्तेमाल कर लोगों के मोबाइल फोन तक पहुंच हासिल करने और उनके बैंक खातों से पैसे निकालने वाले साइबर धोखाधड़ी गिरोह को चलाने के आरोप में झारखंड और नई दिल्ली के छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय आरिफ अंसारी, 28 वर्षीय शेख नौशाद, 26 वर्षीय महबूब आलम, 23 वर्षीय मोहन मोहांतो, 25 वर्षीय सुनील सोरेन (सभी निवासी झारखंड) और 29 वर्षीय साजिद अली (नई दिल्ली) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी APK फाइलें बनाकर लोगों को MGL गैस अनब्लॉक फाइल के नाम से भेजते थे। वे लोगों से कहते थे कि या तो उनका गैस बिल जमा नहीं हुआ है या फिर गैस कनेक्शन जारी रखने के लिए APK फाइल डाउनलोड करने के बाद ₹1 भेजने को कहते थे।
जैसे ही पीड़ित APK फाइल डाउनलोड करते थे, उनके फोन हैक हो जाते थे। फोन तक पहुंच मिलने के बाद आरोपी शिकायतकर्ता के नाम पर पैसे निकालते थे या अन्य लेन-देन करते थे।
पुलिस के अनुसार देशभर में आरोपियों से जुड़ी 3,206 शिकायतों का पता चला है, जिनमें 517 महाराष्ट्र से और 93 मुंबई से हैं। कुल धोखाधड़ी की रकम लगभग 43 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने बताया कि हाल के हफ्तों में इस तरह के घोटाले बढ़े हैं, जिनमें ठग MGL बिल, ट्रैफिक चालान और अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़े संदेश भेजकर लोगों को फर्जी फाइलें डाउनलोड करने के लिए फंसाते हैं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे अज्ञात स्रोतों से प्राप्त APK या ZIP फाइलें डाउनलोड न करें। कभी भी किसी के साथ ATM पिन, पासवर्ड या OTP साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
