FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बुधवार को भिवंडी के कई गोदामों से लगभग 1.5 टन एक्सपायर्ड, क्षतिग्रस्त और खराब खाद्य उत्पाद जब्त किए। इनमें एक अमेरिकी ऑनलाइन रिटेलर का गोदाम भी शामिल था।
यह छापेमारी सरवली गांव स्थित प्रथमेश कॉम्प्लेक्स के गोदामों में की गई। यह कार्रवाई पिछले सप्ताह हुई फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद चलाए जा रहे FDA के अभियान का हिस्सा थी, जिसमें 120 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
FDA अधिकारियों ने गोदाम मालिक रहमान के. और सुविधा प्रबंधक सोमशेखर बसवराज कोन्नूर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कोनगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है।
FDA के अनुसार, ऑनलाइन रिटेलर ने एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों को नष्ट करने का काम आर. के. ट्रेडर्स को सौंपा था। हालांकि जांच में पाया गया कि कथित तौर पर इस काम के लिए फर्म अधिकृत नहीं थी।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को यह भी पता चला कि आर. के. ट्रेडर्स ने कथित रूप से फर्जी प्रमाणपत्र जारी किए थे, जिनमें दावा किया गया था कि एक्सपायर्ड स्टॉक नष्ट कर दिया गया है। लेकिन उत्पादों को नष्ट करने के बजाय, आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाकर फिर से बाजार में बेचने की तैयारी की थी।
FDA अधिकारियों को संदेह है कि यह पूरा ऑपरेशन एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद बेचकर अवैध मुनाफा कमाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा था।
ठाणे FDA अधिकारी अरविंद कंदेलकर ने बताया- निरीक्षण के दौरान हमें अंडे, ब्रेड, बिस्कुट, आटा, चावल और कई अन्य खाद्य उत्पाद मिले, जो एक्सपायर्ड थे, खराब हो चुके थे और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए थे। इन एक्सपायर्ड और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के बजाय इन्हें बाजार में बेचने की योजना बनाई जा रही थी, जिससे ग्राहकों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। हमने गोदाम मालिक और सुविधा प्रबंधक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
FDA ने बताया कि आगे की जांच पूरी होने तक गोदाम को सील कर दिया गया है और उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
पिछले सप्ताह एजेंसी ने भिवंडी के आठ स्थानों पर छापेमारी कर 45 लाख रुपये से अधिक मूल्य के खराब, मिलावटी और असुरक्षित खाद्य उत्पाद जब्त किए थे।
