26 रुपये की चीटिंग पर D’Mart को 3,000 रुपये का दंड !!

 

मशहूर डिपार्टमेंटल स्टोर D’Mart ने अपने एक ग्राहक से 26 रुपये की चीटिंग कर ली। इस पर उपभोक्ता अदालत ने D’Mart को मुआवजे और मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 3,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया।

घटना महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले की है। 34 वर्षीय ग्राहक निजी क्षेत्र का कर्मचारी है। उसने 9 मई, 2024 को छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) स्थित D’Mart से घरेलू कीटनाशक स्प्रे खरीदा था। D’Mart ने इस वस्तु का प्रचार मूल्य 115 रुपये बताया था, जबकि इसकी अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) 125 रुपये थी। ग्राहक ने घर पहुंचकर बोतल को ध्यान से देखा तो उसके नीचे छपी MRP 99 रुपये थी। यानी D’Mart ने उससे 26 रुपये ज्यादा वसूले थे। 26 रुपये अधिक वसूले जाने पर ग्राहक ने स्टोर प्रबंधन से संपर्क किया। स्टोर प्रबंधन ने उसकी शिकायतों को अनसुना कर दिया। इसके बाद ग्राहक ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) का दरवाजा खटखटाया।

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के समक्ष अपने मूल्य निर्धारण का बचाव करते हुए, D’Mart ने तर्क दिया कि ग्राहक को गलतफहमी हुई थी। D’Mart ने दावा किया कि वह एक ही उत्पाद के दो अलग-अलग बैच एक साथ रख रहा था, जिनकी कीमत अलग-अलग थी। एक बैच पर मुद्रित MRP 125 रुपये था और उसे 115 रुपये की छूट दर पर बेचा जा रहा था, जबकि दूसरे बैच पर मुद्रित MRP 99 रुपये था। D’Mart ने दावा किया कि ग्राहक ने अधिक कीमत वाले बैच की बोतल उठाई थी और इसलिए उसे सही बिल भेजा गया था।

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कहा कि स्टोर यह साबित करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर पाया कि ग्राहक को बेचे गए विशेष बैच का MRP अधिक था। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कहा कि ग्राहक ने उस दिन की अपनी खरीदारी का कुल बिल, जो 1,573 रुपये था, प्रस्तुत किया था, जिससे यह पुष्टि होती है कि वह वास्तव में D’Mart का ग्राहक था।

ग्राहक ने 99 रुपये की कीमत वाली एक बोतल की तस्वीर भी जमा की, लेकिन D’Mart ने उसे स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। इसके अलावा, D’Mart ने ग्राहक की खरीदारी के आसपास की अन्य तारीखों के बिल भी प्रस्तुत किए, जिनसे पता चला कि एक ही उत्पाद की अलग-अलग खेपों में 99 रुपये और 115 रुपये की अलग-अलग कीमतें थीं।

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कहा कि ग्राहक का धन वापसी का दावा वैध था, क्योंकि उसने एक तस्वीर पेश की थी जिसमें दिखाया गया था कि उसने 99 रुपये की बोतल ली थी लेकिन उससे अधिक महंगी बोतल का शुल्क लिया गया था।

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने अपने आदेश में कहा कि D’Mart बारकोड या बैच नंबर के आधार पर यह साबित नहीं कर सका कि ग्राहक को अधिक कीमत वाला प्रोडक्ट बेचा गया था। इसलिए ग्राहक का क्लेम सही माना गया और उसके पक्ष में फैसला सुनाया गया।

पिछले महीने जारी अपने आदेश में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने निर्देश दिया कि D’Mart ग्राहक को मुआवजे के तौर पर 1,000 रुपये और मुकदमेबाजी के खर्च के तौर पर 2,000 रुपये का भुगतान करे। ग्राहक को कुल 3,000 रुपये का भुगतान करे।

D’Mart का मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष में कंपनी का कुल रेवेन्यू लगभग 68,800 करोड़ रुपये (करीब 6.88 अरब डॉलर) रहा था। इतनी बड़ी कंपनी होने के बावजूद D’Mart ने 26 रुपये की चीटिंग की। इसी पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने आदेश दिया कि ग्राहक को 1,000 रुपये मुआवजे के तौर पर और 2,000 रुपये मुकदमे का खर्च दिया जाए और ऐसे में ग्राहक को कुल 3,000 रुपये मिले।

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