मुंबई NCB ने 15,018 CBCS बोतलें, 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट्स और 1.060 किलो चरस जब्त की

 

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), मुंबई ने अलग-अलग अभियानों में अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए कोडीन-आधारित कफ सिरप (CBCS) की 15,018 बोतलें और 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट जब्त कीं तथा दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

NCB मुंबई ने 8 अगस्त को मुंबई में 1,080 CBCS बोतलें, जिनका कुल वजन 108 किलोग्राम था, जब्त कीं और एन. शेख नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। CBCS की इन बोतलों को गुजरात और मुंबई के बीच चलने वाली यात्री बस के जरिए ले जाया जा रहा था। इन दवाओं को मुंबई, भिवंडी और आसपास के इलाकों में खुदरा स्तर पर बेचने की योजना थी।

पूछताछ में गुजरात स्थित एक वितरक के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद NCB की एक टीम तुरंत गुजरात पहुंची और व्यापक निगरानी के बाद बड़ोदरा के एक वितरक तथा उसके गोदाम का पता लगाया। वहां से 13,938 और CBCS बोतलें तथा 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट्स जब्त कीं।

मुख्य रूप से भिवंडी से गतिविधियां संचालित करने वाले एन. शेख को महाराष्ट्र पुलिस ने पहले भी NDPS के एक मामले में गिरफ्तार किया था। उसका कार्यक्षेत्र भिवंडी था। गुजरात स्थित वितरक भी पुलिस द्वारा दर्ज NDPS मामलों में वांछित पाया गया।

NCB के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रामाडोल और CBCS ऐसी ओपिओइड दवाएं हैं, जिनका इस्तेमाल चिकित्सकीय रूप से किया जाता है और जिन्हें डॉक्टर की पर्ची पर ही लिया जाना चाहिए। ट्रामाडोल केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) को प्रभावित करता है और दर्द नियंत्रित करने में मदद करता है। बिना चिकित्सकीय सलाह के इसका सेवन सांस लेने में कमी और हृदय गति तेज होने जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, जो जानलेवा हो सकती हैं। इसके सेवन को अचानक बंद करने पर गंभीर विदड्रॉल प्रभाव भी हो सकते हैं।

CBCS का इस्तेमाल आमतौर पर खांसी और जुकाम के इलाज में किया जाता है। हालांकि, कोडीन एक ओपिओइड होने के कारण लत लगाने वाला पदार्थ है और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसकी अधिक मात्रा लेने पर सांस संबंधी गंभीर समस्याएं, लिवर और किडनी को नुकसान तथा मौत तक हो सकती है।

एक अन्य कार्रवाई में NCB मुंबई ने 12 अगस्त को मुंबई के घाटकोपर में ए. जे. शेख नामक महिला के घर की तलाशी ली। इस दौरान 1.060 किलोग्राम चरस जब्त की गई।

ड्रग्स के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई और आगामी त्योहारी सीजन के कारण चरस की आपूर्ति काफी हद तक प्रभावित हुई है। आरोप है कि ए. जे. शेख और उसके सहयोगियों ने कमी का फायदा उठाकर चरस को ऊंची कीमत पर बेचने के लिए खरीदा था। अन्य प्रमुख सहयोगियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है।

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