बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने जोगेश्वरी स्थित HBT ट्रॉमा केयर अस्पताल में मेडिसिन विभाग के संविदा व्याख्याता और प्रभारी को नौकरी से बर्खाश्त कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने अनियमित उपस्थिति और ड्यूटी में लापरवाही को लेकर जारी किए गए दो कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया।
HBT मेडिकल कॉलेज, डॉ. आर.एन. कूपर म्युनिसिपल जनरल हॉस्पिटल और एचबीटी ट्रॉमा केयर अस्पताल के डीन ने बर्खास्तगी की पुष्टि की। नोटिस का जवाब नहीं देने के बाद करीब 15 दिन पहले डॉक्टर को सेवा से हटा दिया गया। वह नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आते थे और मुश्किल से चार-पांच मरीजों को देखने के बाद चले जाते थे। मानसून के दौरान अधिक मरीजों को देखने और नए डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने का अनुरोध किए जाने के बावजूद वह इसके लिए तैयार नहीं थे।
डॉक्टर का अनुबंध अप्रैल 2026 में नवीनीकृत किया गया था और यह 31 मार्च 2027 तक वैध था। अधिकारी ने कहा कि आवश्यक सेवा दिए बिना BMC सार्वजनिक धन से उन्हें भुगतान जारी नहीं रख सकती थी।
9 जुलाई को जारी कारण बताओ नोटिस में उन पर ड्यूटी में गंभीर लापरवाही, मरीजों की देखभाल में लापरवाही और नगर निगम सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। इसके एक सप्ताह बाद दूसरा नोटिस जारी किया गया।
प्रशासन का आरोप था कि डॉक्टर अक्सर OPD की ड्यूटी से अनुपस्थित रहते थे, मेडिसिन वार्ड, ट्रॉमा वार्ड और ICU में राउंड तथा मरीजों की बेडसाइड जांच नहीं करते थे और मेडिकल अधिकारियों की कमी के बावजूद आपातकालीन मामलों में उपस्थित नहीं होते थे। उन पर हाउस ऑफिसरों को गंभीर मरीजों को क्रिटिकल-केयर क्षेत्रों से सामान्य वार्डों में स्थानांतरित करने का निर्देश देने का भी आरोप लगाया गया।
नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया कि वह ड्यूटी के समय बिना अनुमति निजी प्रैक्टिस करते थे, मरीजों के परिजनों को उचित परामर्श नहीं देते थे और हाउस ऑफिसरों को जटिल न्यूरोलॉजिकल तथा सांस संबंधी मामलों में मरीजों को भर्ती करने से बचने का निर्देश देते थे।
डॉक्टर को जवाब देने के लिए दो कार्यदिवस का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद BMC ने उनकी सेवा समाप्त कर दी।
