17.70 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तांत्रिक अशोक खरात, पत्नी समेत 6 के खिलाफ PMLA कोर्ट ने जारी किया समन

अशोक खरात

मुंबई की विशेष PMLA अदालत ने 17.70 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नासिक के तांत्रिक अशोक खरात और उसकी पत्नी समेत छह आरोपियों के खिलाफ प्रक्रिया जारी की है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दाखिल अभियोजन शिकायत का संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को 22 सितंबर से पहले अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।

ED ने अशोक खरात के अलावा उसकी पत्नी कल्पना खरात, अरविंद बावके, नामकरण आव्हारे, अविनाश कांडेकरे और मिलिंद बांकर को आरोपी बनाया है।

अदालत ने कहा कि कई FIR में एक ही तरीके से अपराध किए जाने से प्रथम दृष्टया यह संकेत मिलता है कि अपराध से अर्जित आय किसी एक घटना का नतीजा नहीं थी, बल्कि यह एक व्यवस्थित और लगातार चलने वाली गतिविधि थी।

ED के मुताबिक अशोक खरात समता नगरी सहकारी मर्यादित पतसंस्था, राहाता में मैनेजर के तौर पर कार्यरत था। आरोप है कि उसने सिन्नर स्थित श्री जगदंबा माता ग्रामीण सहकारी पतसंस्था में 48 विशेष बचत खाते और 34 बेनामी खाते खोले। इन खातों के लिए अनुयायियों के दस्तावेजों का कथित तौर पर फर्जी KYC के लिए इस्तेमाल किया।

ED ने यह भी आरोप लगाया कि अन्य आरोपियों ने फर्जी संपत्ति लेन-देन में उसकी मदद की। जांच में बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और महंगी गाड़ियां अशोक खरात तथा अन्य आरोपियों के नाम पर होने की बात सामने आई।

अदालत ने कहा कि शिकायत और रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री से प्रथम दृष्टया आरोपी नंबर-1 अशोक खरात की ओर से लगातार और व्यवस्थित तरीके से गतिविधियां किए जाने तथा अन्य आरोपियों द्वारा उसकी मदद किए जाने का संकेत मिलता है।

अदालत के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ कई FIR दर्ज हैं। आरोप है कि अशोक खरात ने खुद को ‘कृष्ण’ का अवतार और विशेष-अलौकिक शक्तियों से संपन्न व्यक्ति बताकर लोगों को अपने प्रभाव में लिया और बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की, जिसे ED ने अपराध से अर्जित आय बताया है।

जांच में सामने आई कुल संपत्ति की कीमत 17.70 करोड़ रुपये बताई गई है। अदालत ने इसी आधार पर सभी छह आरोपियों के खिलाफ प्रक्रिया जारी की है।

Leave a Comment