तांत्रिक अशोक खरात
बॉम्बे हाई कोर्ट ने नासिक के तांत्रिक अशोक खरात जबरन वसूली मामले में व्यवसायी दिनेश परब को अग्रिम जमानत दे दी। 51 वर्षीय दिनेश परब मुंबई के कालाचौकी में रहते हैं। उन पर अशोक खरात ने आपत्तिजनक तस्वीरों को लेकर जबरन वसूली की FIR दर्ज कराई थी। नासिक सत्र न्यायालय ने दिनेश परब की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसलिए उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। अशोक खरात ने दिनेश परब के खिलाफ वावी पुलिस स्टेशन में BNS और IT एक्ट के तहत FIR (नंबर 468/2025) दर्ज कराई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अशोक खरात ने आरोप लगाया कि दिनेश परब ने उसे ऐसी आपत्तिजनक तस्वीरें भेजीं, जिनमें उसे महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था। ये तस्वीरें व्हाट्सएप पर “व्यू वन्स” फॉर्मेट में भेजी थीं। अशोक खरात का दावा है कि दिनेश परब ने उसे बताया कि राजेंद्र जसुड़ नामक व्यक्ति के पास ऐसी और तस्वीरें हैं और उसकी बदनामी से बचने के लिए 5 लाख रुपये देकर मामला “सेटल” किया जा सकता है।
इसी बीच राजेंद्र जसुड़ की शिकायत पर अशोक खरात के खिलाफ यौन उत्पीड़न, जबरन वसूली और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने जैसे गंभीर आरोपों में करीब आठ FIR दर्ज हो गयी। FIR में आगे आरोप है कि 22 से 28 दिसंबर 2025 के बीच दिनेश परब ने कथित तौर पर पैसे की मांग की और रकम न देने पर बदनाम करने की धमकी दी। हालांकि, अशोक खरात ने तस्वीरों में दिख रही महिलाओं को पहचानने से इन्कार किया और पैसे देने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने दिनेश परब के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
सुनवाई के दौरान दिनेश परब ने कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है और आरोप बढ़ा-चढ़ाकर लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मामले में हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने उन्हें शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दे दी, जिससे उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।
