RA रियलिटी वेंचर्स के साझेदारों के खिलाफ दर्ज FIR EOW को ट्रांसफर

 

दक्षिण मुंबई के MRA मार्ग पुलिस स्टेशन में 17.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के मामले में R.A. Realty Ventures LLP के साझेदारों, जिनमें अशोक खेमचंद कोठारी और राजेंद्र खेमचंद कोठारी शामिल हैं, के खिलाफ दर्ज FIR को आगे की जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को भेज दी गई है। यह FIR रबरवाला हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में लीगल एग्जीक्यूटिव मोहम्मद अजीम मोहम्मद सलीम खान (35) ने दर्ज कराई है।

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने कंपनी को 151 करोड़ रुपये के पुनर्विकास सौदे में शामिल करने के लिए कथित रूप से प्रलोभन दिया और बाद में कई आश्वासनों, मध्यस्थता कार्यवाही तथा कई चेक जारी करने के बावजूद भुगतान में डिफॉल्ट किया। जारी किए गए कई चेक बाउंस हो गए। FIR के अनुसार, R.A. Realty Ventures LLP ने मुंबई के मलबार हिल स्थित कारमाइकल रोड पर “विला निर्मला” नामक पुनर्विकास परियोजना शुरू की थी। MHADA नियमों और DCR 33(7) के तहत डेवलपर को 1,629.61 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र मुफ्त में MHADA को सौंपना था।

इस दायित्व को पूरा करने के लिए, आरोपित फर्म ने 24 दिसंबर 2014 को रबरवाला हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के साथ गिरगांव स्थित एक पुनर्विकास परियोजना में 6,190.92 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र खरीदने हेतु 151 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन (MoU) किया था।

पुलिस के अनुसार, समझौते में 14 चरणों में भुगतान की व्यवस्था थी। हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुरुआत से ही आरोपियों ने भुगतान में देरी की और 2014 से 2022 के बीच लगभग 106.99 करोड़ रुपये का आंशिक भुगतान करने के बाद पूरी तरह भुगतान बंद कर दिया।

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि बकाया राशि का भुगतान न होने के कारण निर्माण परियोजना गंभीर आर्थिक संकट में आ गई, जिससे रखरखाव खर्च, मजदूरी लागत और ब्याज देनदारियां बढ़ती गईं। 2019 और 2020 के बीच कई कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद आरोपियों ने बकाया राशि नहीं चुकाई।

FIR के मुताबिक आरोपियों ने बाद में कई चेक जारी किए, जिनमें एस्क्रो खाते में रखे गए पोस्ट-डेटेड चेक भी शामिल थे। लेकिन इनमें से कई चेक “अपर्याप्त धनराशि” और “हस्ताक्षर मेल नहीं खाने” के कारण बाउंस हो गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि “विला निर्मला” परियोजना के दो फ्लैट, जिन्हें एस्क्रो व्यवस्था के तहत सुरक्षा के रूप में रखा गया था, उन्हें कथित रूप से तीसरे पक्ष को बेच दिया गया, जबकि उन्हें इस लेनदेन के लिए गिरवी सुरक्षा के रूप में पेश किया गया था।

पुलिस ने बताया कि बाद में विवाद मध्यस्थता में गया, जहां 4 सितंबर 2025 को एक समझौता हुआ। इस समझौते के तहत शिकायतकर्ता कंपनी ने ब्याज और देनदारियों सहित अपने कुल 69.72 करोड़ रुपये के दावे को घटाकर 17.50 करोड़ रुपये करने पर सहमति जताई। हालांकि समझौते के बाद भी आरोपियों द्वारा जारी कई चेक फिर से बाउंस हो गए।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि R.A. Realty Ventures LLP के साझेदारों ने शुरुआत से ही वित्तीय वादों का लालच देकर कंपनी को धोखा देने की साजिश रची। आरोप है कि उन्होंने MHADA की निर्माण संबंधी जिम्मेदारियां पूरी करवाने के बाद भुगतान में डिफॉल्ट किया।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4), 3(5) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा की जा रही है।

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