आवारा कुत्तों के लिये शेल्टर होम बनाएगा VVMC

 

महाराष्ट्र के पालघर जिले का वसई-विरार नगर निगम (VVMC) अपने एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम (नसबंदी) के बाद कुत्तों को रखने के लिए 1,000 कुत्तों की क्षमता वाला एक बड़ा आश्रय गृह (शेल्टर होम) स्थापित करेगा। निगम इस परियोजना पर 5.45 करोड़ रुपये खर्च करेगा। हाल ही में हुई महासभा की बैठक में कुत्तों की नसबंदी, आवारा कुत्तों की व्यापक गणना (जनगणना) और उनके व्यवहार का अध्ययन करने के लिए GPS-ट्रैकर कॉलर के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

पिछले कुछ वर्षों में वसई-विरार क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या काफी बढ़ गई है। हाल ही में नालासोपारा में कुत्ते के काटने से रेबीज़ होने के कारण 9 वर्षीय बच्ची की मौत ने इस मुद्दे की गंभीरता को उजागर किया। चिंताजनक बात यह है कि इस वर्ष जनवरी से अप्रैल के बीच मात्र चार महीनों में शहर में 15,000 से अधिक डॉग बाइट (कुत्तों के काटने) के मामले दर्ज किए गए। यह मुद्दा नगर निगम की महासभा में तीखी बहस का कारण बना, जहां विपक्ष ने नगर प्रशासन पर आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

वर्तमान में शहर में केवल नवघर और काशीद कोपर स्थित दो केंद्रों पर ही नसबंदी की जाती है, जिनकी कुल क्षमता मात्र 340 कुत्तों की है। मौजूदा बुनियादी ढांचे की कमी को देखते हुए VVMC बड़े पैमाने पर आश्रय गृहों को प्राथमिकता दे रहा है। नया 1,000 क्षमता वाला शेल्टर होम वसई पूर्व के नवघर में 5.45 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।

प्रस्तावित आश्रय गृह की प्रमुख विशेषताएं:

* घायल और बीमार कुत्तों के लिए चिकित्सा उपचार सुविधाएं।
* ऑपरेशन के बाद विशेष देखभाल (पोस्ट-ऑपरेटिव केयर)।
* कुत्तों के दैनिक रखरखाव की व्यवस्था।

नगर निगम के आंकड़ों से यह भी सामने आया कि नसबंदी अभियान में पहले काफी देरी हुई। पिछले पांच वर्षों में VVMC केवल 29,000 कुत्तों की नसबंदी ही कर पाया। अब नागरिकों को उम्मीद है कि यह प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ेगी। कार्य में तेजी लाने के लिए निगम जल्द ही सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं (NGO) से 2026-27, 2027-28 और 2028-29 की तीन वर्षीय अवधि के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित करेगा।

आगामी योजना के मुख्य बिंदु:

* नसबंदी (वेसक्टॉमी/ट्यूबेक्टॉमी) प्रक्रियाओं में तेजी।
* आवारा और रेबीज़ प्रभावित कुत्तों का उपचार।
* व्यापक टीकाकरण अभियान चलाना।

नगर निगम ने अगले तीन वर्षों में नसबंदी कार्यक्रम के लिए 7 करोड़ 73 लाख 28 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया है।

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