पालघर में छात्र को ईसाई बनाने की कोशिश में 22 ईसाई महिलाओं के खिलाफ FIR दर्ज

 

महाराष्ट्र के पालघर जिले में धर्म परिवर्तन का प्रयास करने और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में मोखाड़ा पुलिस ने 22 ईसाई महिलाओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह घटना 21 अगस्त को वाकड़पाड़ा गांव में हुई। मोखाड़ा पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक (API) अजित साबले के अनुसार धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य को लेकर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 और धारा 3(5) (साझा मंशा) के तहत FIR दर्ज की गयी है।

25 अगस्त 2026 को दर्ज FIR के अनुसार घटना पालघर जिले के आदिवासी बहुल मोखाड़ा उपखंड के वाकड़पाड़ा गांव में हुई। ईसाई महिलाओं का यह समूह 21 अगस्त को छात्र के घर गया था। इनमें ठाणे जिले के उल्हासनगर की 46 वर्षीय सत्यवती बालकृष्ण कुंचे भी शामिल थीं। आरोप है कि उन्होंने छात्र को बाइबिल और ‘न्यू टेस्टामेंट’ समेत धार्मिक पुस्तकों की प्रतियां दीं।

सत्यवती बालकृष्ण कुंचे ने छात्र से कहा कि इन पुस्तकों को पढ़ने से बीमारियां ठीक करने और लोगों को रोगों से बचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि छात्र ने किताबें लेने से इन्कार कर दिया और कुछ ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी।

छात्र के घर पहुंचे कुछ ग्रामीणों, जिनमें मिलिंद जोले भी शामिल थे, ने आरोप लगाया कि सत्यवती बालकृष्ण कुंचे ने हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक प्रथाओं के खिलाफ भी टिप्पणियां कीं। उन्होंने बताया कि उसने छात्र से देवी-देवताओं की पूजा बंद करने और ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा।

पुलिस ने सत्यवती बालकृष्ण कुंचे और स्थानीय निवासी कुसुम शिवराम काम्बड़ी को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने सहित अन्य अपराधों के प्रावधानों के तहत मुख्य आरोपी बनाया है। फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने आगे की जांच के लिए 22 महिलाओं को छोड़ दिया है। इनमें से कई दक्षिण भारत के हैदराबाद शहर की रहने वाली हैं।

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