मुंबई लोकल में 44 लाख यात्री कम हुए

 

मुंबई में मेट्रो के विस्तार का असर अब दिखाई देने लगा है। पश्चिम रेलवे के एक विश्लेषण से यह बात सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान पश्चिम रेलवे की उपनगरीय यात्री संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 44.65 लाख की कमी हुई है। इसे मेट्रो के विस्तार का सकारात्मक प्रभाव माना जा रहा है।

ऐसा दिखाई दे रहा है कि मेट्रो के विस्तार के कारण उपनगरीय रेलवे के कुछ मार्गों पर असर पड़ रहा है। द्वितीय श्रेणी के यात्रियों की संख्या 21.94 करोड़ से घटकर 21.28 करोड़ हो गई है, यानी 3 प्रतिशत की कमी हुई। प्रथम श्रेणी के यात्रियों की संख्या 2.74 करोड़ से घटकर 2.54 करोड़ रह गई है, जिसमें 7.23 प्रतिशत की कमी हुई है।

जहाँ लोकल ट्रेनों में यात्रियों की संख्या घट रही है, वहीं एसी लोकल के यात्रियों की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एसी यात्रियों की संख्या 1.37 करोड़ से बढ़कर 1.78 करोड़ हो गई है, यानी करीब 41 लाख की वृद्धि हुई। यात्रियों की संख्या में इस बदलाव को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने एसी लोकल सेवाओं का विस्तार करने की मांग की है। बताया गया है कि रोजाना लगभग 45 हजार अतिरिक्त यात्री एसी ईएमयू सेवाओं की ओर रुख कर रहे हैं। यह भी देखा गया है कि प्रथम और द्वितीय श्रेणी के यात्री धीरे-धीरे एसी लोकल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। खास बात यह है कि रोजाना टिकट लेकर एसी लोकल से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे की उपनगरीय लोकल ट्रेनों के समय-सारणी में 1 सितंबर से बदलाव किया गया है। नई समय-सारणी के अनुसार लोकल फेरों की संख्या 1,414 ही रहेगी। हालांकि, यात्रियों की मांग के अनुसार कुछ सेवाओं में फेरबदल किया गया है। छह नई सेवाएँ शुरू की जाएंगी, जबकि छह मौजूदा सेवाएँ रद्द की जाएंगी।

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