देश के सबसे अमीर मंदिरों की बात करें तो उड़ीसा के पुरी स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर का नाम शीर्ष पांच मंदिरों में जरूर आता है। मंदिर प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मंदिर के पास करीब 1,912 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि है। इसके अलावा देशभर में मंदिर के स्वामित्व वाली करीब 60,821 एकड़ जमीन भी है।
31 अगस्त 2026 तक श्री जगन्नाथ मंदिर ने तीन अलग-अलग योजनाओं के तहत 1,811.10 करोड़ रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा कर रखी थी। इनमें से 1,311.10 करोड़ रुपये विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जमा हैं, जबकि शेष 500 करोड़ रुपये उड़ीसा सरकार द्वारा दिए गए कॉर्पस फंड के रूप में मंदिर के लाभ-हानि खाते में रखे गए हैं। मंदिर के विभिन्न बचत, चालू और फ्लेक्सी खातों में भी 10.71 करोड़ रुपये जमा थे।
मंदिर प्रशासन और विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, सामान्य दिनों में करीब 30 हजार से 50 हजार श्रद्धालु पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। वहीं नववर्ष या किसी बड़े त्योहार जैसे विशेष अवसरों पर यह संख्या 2 लाख से 5 लाख तक पहुंच जाती है। इस साल 1 जनवरी 2026 को ही पुरी में 5 लाख से अधिक लोगों ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए थे।
प्रशासन के अनुसार, रथयात्रा के दौरान करीब 9 से 15 दिनों की अवधि में लगभग 50 लाख लोग श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि रथयात्रा के दौरान अकेले पुरी शहर में डेढ़ करोड़ से अधिक लोग पहुंचे थे।
उड़ीसा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर लगभग 850 से 900 वर्ष पुराना है। ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार, मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में 1135 से 1142 के बीच शुरू हुआ था। इसका निर्माण कलिंग राजवंश के राजा अनंतवर्मन चोडगंग देव ने शुरू कराया था।
मंदिर का मुख्य निर्माण उनके पौत्र राजा अनंगभीम देव तृतीय के शासनकाल में पूरा हुआ और मंदिर में मूर्तियों की स्थापना की गई।
भारत का सबसे अमीर मंदिर केरल का श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर माना जाता है। मंदिर की गुप्त तिजोरियों में मौजूद प्राचीन खजाने का अनुमानित मूल्य करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये से 2.50 लाख करोड़ रुपये बताया जाता है।
वहीं, अगर आधिकारिक व्यावसायिक निवेश, जमीन और वर्तमान आय यानी सक्रिय संपत्ति को आधार माना जाए, तो आंध्र प्रदेश का तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (तिरुपति बालाजी) देश का सबसे अमीर मंदिर माना जाता है। इसकी कुल संपत्ति करीब 2.26 लाख करोड़ रुपये से 3.38 लाख करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है।
