धनतेरस पर सोना और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है। मान्यता है कि इस दिन सोना खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। धनतेरस के मौके पर देशभर में सोने का कारोबार करीब 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के शुरुआती आंकलन के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार कारोबार के मूल्य में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि, सोने की कुल बिक्री की मात्रा पिछले साल के लगभग बराबर रहने का अनुमान है, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी के चलते कारोबार का कुल मूल्य बढ़ गया है। इससे आभूषण उद्योग के लिए त्योहारी सीजन की शुरुआत उत्साहजनक रही है।
GJC के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने बताया कि शुक्रवार को देशभर में आभूषणों की दुकानें सुबह 8 बजे से ही खुल गई थीं। खुदरा कारोबारियों ने ग्राहकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि काउंसिल को इस साल धनतेरस पर अच्छी बिक्री की उम्मीद थी। इसकी वजह हिंदू पंचांग में धनतेरस का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इसे साढ़े तीन शुभ मुहूर्तों में से एक माना जाता है।
राजेश रोकड़े ने कहा कि इस बार त्योहारों की तारीखों ने भी बाजार में सकारात्मक माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई है। धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को होने के कारण ज्यादातर वेतनभोगी लोगों को उनका मासिक वेतन और त्योहार का बोनस मिल चुका था। इससे लोगों के पास नकदी की उपलब्धता बेहतर रही और खरीदारी पर खर्च भी बढ़ा।
उन्होंने सोने की कीमतों में पिछले चार से छह महीनों के दौरान अपेक्षाकृत नरमी को भी ग्राहकों की अच्छी प्रतिक्रिया की एक वजह बताया। इससे सोने की खरीदारी को प्रोत्साहन मिला।
पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2023 में जहां सोना करीब 60 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम था, वहीं 2024 में इसकी कीमत बढ़कर 80 हजार रुपये और 2025 में 1.15 लाख से 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। रोकड़े के मुताबिक, फिलहाल सोना करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा है। चांदी की कीमतों में भी इस दौरान उल्लेखनीय तेजी आई है।
GJC ने आने वाले हफ्तों में भी कारोबार को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है। काउंसिल का कहना है कि त्योहारों के बाद शादियों का सीजन शुरू होगा, जिससे आभूषण उद्योग को कारोबार बढ़ाने के और अवसर मिलेंगे।
