उत्तर प्रदेश के कानपुर कलेक्ट्रेट में तैनात तीन जूनियर क्लर्क अनिवार्य टाइपिंग टेस्ट में लगातार दो बार असफल होने के बाद पदावनत कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बना दिए गए। तीनों कर्मचारी टाइपिंग टेस्ट में निर्धारित 25 शब्द प्रति मिनट की गति हासिल नहीं कर सके। प्रेमनाथ यादव, अमित कुमार यादव और नेहा श्रीवास्तव की नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर जूनियर क्लर्क के पद पर हुई थी। नियमों के अनुसार उन्हें नियुक्ति के एक वर्ष के भीतर निर्धारित टाइपिंग टेस्ट पास करना जरूरी था। तीनों कर्मचारी वर्ष 2024 में आयोजित…
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