2015 में लोकल ट्रेन से गिरकर मरे व्यक्ति के परिजन को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 8.14 लाख रुपये मुआवजा देने का दिया आदेश

  बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि रेलवे केवल अपनी आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा देने से इन्कार नहीं कर सकता। खासकर तब, जब इस दावे के समर्थन में कोई प्रत्यक्षदर्शी या अन्य स्वतंत्र सबूत मौजूद न हो। कोर्ट ने रेलवे को 2015 में लोकल ट्रेन से गिरकर जान गंवाने वाले 26 वर्षीय युवक के माता-पिता को 8.14 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। जस्टिस आरती साठे ने यह आदेश राहुल वामन सूर्यवंशी के माता-पिता की ओर से दायर मुआवजा याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। राहुल…

Read More