2015 में लोकल ट्रेन से गिरकर मरे व्यक्ति के परिजन को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 8.14 लाख रुपये मुआवजा देने का दिया आदेश

  बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि रेलवे केवल अपनी आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा देने से इन्कार नहीं कर सकता। खासकर तब, जब इस दावे के समर्थन में कोई प्रत्यक्षदर्शी या अन्य स्वतंत्र सबूत मौजूद न हो। कोर्ट ने रेलवे को 2015 में लोकल ट्रेन से गिरकर जान गंवाने वाले 26 वर्षीय युवक के माता-पिता को 8.14 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। जस्टिस आरती साठे ने यह आदेश राहुल वामन सूर्यवंशी के माता-पिता की ओर से दायर मुआवजा याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। राहुल…

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‘शराबी’ को मुआवजा देने से बॉम्बे हाई कोर्ट का इन्कार

  अमेरिकी उपन्यासकार एफ. स्काट फिट्जगेराल्ड का प्रसिद्ध कथन- “पहले आप शराब पीते हैं, फिर शराब आपको पीने लगती है और अंत में ये आपको पूरी तरह अपने कब्जे में ले लेती है- को उद्घृत करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक शराबी को मुआवजा देने से इन्कार कर दिया। जस्टिस जितेंद्र जैन की एकल पीठ ने बुधवार, 11 फरवरी 2026 को पारित आदेश में 2014 के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने मुआवजा देने से इन्कार कर दिया था। आवेदक बॉम्बे हॉस्पिटल में लैब असिस्टेंट के…

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