ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पार्टी को मुंबई में बड़ा झटका लगा है। जांच समिति ने नगरसेविका रोशन शेख का जाति प्रमाणपत्र अवैध घोषित कर दिया है। AIMIM के मुंबई महानगरपालिका में 8 नगरसेवक हैं।
रोशन शेख साल 2026 के मुंबई महानगरपालिका चुनाव में AIMIM के टिकट पर मानखुर्द-शिवाजीनगर के वार्ड क्रमांक 138 से चुनी गई थीं। समिति ने उनका जाति प्रमाणपत्र रद्द करने का आदेश दिया है। इस फैसले के खिलाफ पार्टी अब कोर्ट जाने वाली है।
मानखुर्द-शिवाजीनगर वार्ड क्रमांक 138 ‘अन्य पिछड़ा वर्ग’ (ओबीसी) के लिए आरक्षित था। चुनाव परिणाम आने के बाद दूसरे स्थान पर रहे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार महफूज आज़मी ने रोशन शेख के जाति प्रमाणपत्र को चुनौती दी थी। इसे सत्यापन के लिए परभणी की जिला जाति प्रमाणपत्र समिति के पास भेजा गया था। इसके बाद समिति ने इसे अवैध ठहराया।
समिति की जांच में यह पाया गया कि रोशन शेख द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज फर्जी थे। इसके बाद उनका जाति प्रमाणपत्र रद्द करने का आदेश दिया गया। इतना ही नहीं, उन्होंने जिस व्यक्ति का उल्लेख रिश्तेदार के रूप में किया था, उससे उनका वास्तविकता में कोई संबंध नहीं होने का भी खुलासा हुआ। समिति के सामने उस व्यक्ति का बयान दर्ज किया गया, जिसमें उसने कहा कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया है।
समिति ने यह निष्कर्ष निकाला कि रोशन शेख ओबीसी वर्ग में शामिल नहीं हो सकतीं। उनका प्रमाणपत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
जाति प्रमाणपत्र अवैध घोषित होने के बाद रोशन शेख को नगरसेवक पद के आधार पर मिले सभी लाभ वापस लिए जाएंगे। साथ ही उन्हें नगरसेवक के रूप में मिला मानधन भी वसूल किया जाएगा। इस संबंध में समिति ने मुंबई महानगरपालिका की आयुक्त अश्विनी भिड़े और संबंधित विभागों को आदेश जारी किए हैं।
