केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने पूर्व अधिकारी बृजमोहन (बीएम) मीणा के खिलाफ दूसरे भ्रष्टाचार मामले में केस दर्ज किया है। इस बार आरोप है कि उन्होंने मुंबई में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के रूप में अपनी तीन साल की तैनाती (दिसंबर 2024 तक) के दौरान अपने और अपनी पत्नी के नाम पर 98.63 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति (DA) अर्जित की।
CBI अधिकारियों के अनुसार बीएम मीणा की पत्नी सुनीता मीणा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, जिन पर अपने पति की अवैध गतिविधियों में सहयोग (abetment) करने का आरोप है। CBI ने 30 अप्रैल को दंपति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिनमें अवैध संपत्ति अर्जित करना, लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार और सहयोग जैसे आरोप शामिल हैं।
बीएम मीणा सितंबर 2021 से दिसंबर 2024 तक मुंबई में CBI की बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (BSFB) में तैनात थे। 30 दिसंबर 2024 को उनके खिलाफ सात अन्य लोगों के साथ मामला दर्ज किया गया था, जिसमें कुछ व्यक्तियों से फायदा पहुंचाने के बदले अनुचित लाभ (रिश्वत) मांगने और लेने का आरोप था।
यह नया मामला CBI के एक इंस्पेक्टर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर सामने आया, जो 2024 के मामले में सहायक जांच अधिकारी थे और उन्होंने आरोपी अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के पहलू की जांच की थी।
इंस्पेक्टर ने 28 अप्रैल को अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि बीएम मीणा ने अवैध तरीके से खुद को समृद्ध किया और अपने तथा अपनी पत्नी सुनीता मीणा के नाम पर 98.63 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की। एक CBI अधिकारी के अनुसार, यह राशि उनकी तीन साल की तैनाती के दौरान ज्ञात आय स्रोतों से लगभग 88% अधिक थी।
अधिकारी ने यह भी बताया कि बीएम मीणा की पत्नी सुनीता मीणा के बैंक खातों में “भारी जमा राशि” पाई गई, जिससे संकेत मिलता है कि उन्हें अपने पति बीएम मीणा की कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी थी और उन्होंने उसमें भागीदारी भी की।
बीएम मीणा के खिलाफ दिसंबर 2024 में भी 5 करोड़ रुपये रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया गया था। तब CBI ने मुंबई, जयपुर, कोलकाता और नई दिल्ली में लगभग 20 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिनमें आरोपियों और संबंधित संस्थाओं के आधिकारिक व आवासीय परिसर शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि इन तलाशी अभियानों में 55 लाख रुपये नकद बरामद हुआ, जिसे कथित तौर पर हवाला के माध्यम से भेजा गया था। इसके अलावा करीब 1.78 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े संपत्ति दस्तावेज और 1.63 करोड़ रुपये के लेन-देन से संबंधित बही-खाते भी मिले।
दिसंबर 2024 के मामले में यह भी आरोप लगाया गया था कि आरोपी CBI अधिकारी ने रिश्वत के लेन-देन के लिए निजी व्यक्तियों को बिचौलियों के रूप में इस्तेमाल किया और बैंक खातों व हवाला नेटवर्क के जरिए यह लेन-देन किया।
