महाराष्ट्र के लातूर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के वेतन वितरण विभाग में 2.38 करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आई है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों को लातूर की एक अदालत ने 16 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
इस संबंध में शिवाजीनगर पुलिस थाने में FIR दर्ज की गयी है। FIR में लिपिक राहुल वागदरे, ब्रिजकिशोर ठाकुर और दत्तात्रय क्षीरसागर तथा उपनिरीक्षक अजय सूर्यवंशी के नाम शामिल हैं।
आरोप है कि मई 2015 से 2025 तक के 10 वर्षों की अवधि में आरोपियों ने वेतन संबंधी रिकॉर्ड में हेरफेर कर, फर्जी दस्तावेज तैयार कर और उनका दुरुपयोग कर सरकारी धन का गबन किया। प्रोत्साहन भत्ता, मूल वेतन की बकाया राशि, विशेष वेतन और वेतन के अन्य घटकों जैसे विभिन्न मदों के तहत अतिरिक्त रकम का भुगतान कर इस घोटाले को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने अतिरिक्त रकम का हस्तांतरण किया और बाद में उस धनराशि का कुछ हिस्सा अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया।
इससे सरकारी खजाने को 2.38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मामले की जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी समरसिंह साल्वे द्वारा की जा रही है।
