उल्हासनगर में शिवसेना नगरसेवक का पद रद्द, जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया

 

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर में शिवसेना (शिंदे) गुट के नगरसेवक विकी दर्शन सिंह लबाना का नगरसेवक पद हो गया है। जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति द्वारा उनका जाति प्रमाण पत्र अमान्य घोषित किए जाने के बाद उन्हें उनके पद से अयोग्य ठहरा दिया गया है।

विकी दर्शन सिंह लबाना शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक थे और उल्हासनगर महानगरपालिका के वार्ड 6-A से निर्वाचित हुए थे। यह अयोग्यता आदेश महानगरपालिका आयुक्त मनीषा आव्हाले ने महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत जारी किया। यह कार्रवाई लाबाना द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षित सीट से चुनाव जीतने के बाद सत्यापन हेतु प्रस्तुत किए गए जाति वैधता दस्तावेजों की जांच के पश्चात की गई।

बता दें कि विकी दर्शन सिंह लबाना ने ‘बंजारा’ समुदाय से संबंधित होने का दावा करते हुए जाति प्रमाणपत्र जमा कर OBC आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। 17 दिसंबर 2015 को जारी प्रमाणपत्र संख्या 4152120741963 की बाद में नाशिक जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति द्वारा जांच की गई। 13 मई 2026 के अपने आदेश में समिति ने इस प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित करते हुए संबंधित दस्तावेज सरकार के पास जमा कराने का निर्देश दिया। यह निर्णय नागरिक प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद उल्हासनगर महानगरपालिका ने आगे की कार्रवाई शुरू की।

समिति के निष्कर्षों और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करते हुए आयुक्त मनीषा आव्हाले ने 22 मई को आधिकारिक आदेश जारी कर लबाना को 23 मई 2026 से प्रभावी रूप से नगरसेवक पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।

आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1-A) के तहत लबाना अयोग्य ठहराए गए हैं। यह धारा अधिकारियों को यह अधिकार देती है कि यदि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि का जाति वैधता दावा झूठा, अमान्य या सक्षम जांच समिति द्वारा असमर्थित पाया जाता है, तो उसे पद से हटाया जा सकता है।

सत्यापन समिति के निर्णय या उसके बाद जारी अयोग्यता आदेश को लेकर विक्की दर्शन सिंह लबाना की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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