मध्य प्रदेश के देवास ज़िले में सामूहिक विवाह धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने चार लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कर दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया चीटर शादी की तलाश कर रहे युवकों से संपर्क करते थे। उन्हें बताते थे कि इंदौर के एक आश्रम में रहने वाली लड़कियां शादी के लिए तैयार हैं। इसके बाद युवकों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे लेते थे और ऑनलाइन दस्तावेज भी जमा कराते थे। सोशल मीडिया से अपलोड कर मोबाइल फोन पर लड़कियों की तसवीरें भेजते थे। लड़कियों का फोटो दिखाने के बाद वे कहते थे कि मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव खुद आएंगे और 51 हज़ार रुपये का चेक भी देंगे।
लड़कों (दूल्हों) को बताया गया कि 24 तारीख़ को लड़कों और लड़कियों को मिलवाया जाएगा। बातचीत का पूरा मौका दिया जाएगा और फिर 25 मई को सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी कराई जाएगी। 24 मई की सुबह 8 बजे देवास के माता टेकरी मंदिर पर शादी के लिए 42 लड़कों (दूल्हों) को बुलाया गया। ज़्यादातर दूल्हों की उम्र 40 साल के आसपास थी। कुछ 60 साल के दूल्हे भी थे।
विकास मीणा देवास के हरनियाकलां गांव से आए थे। विकास ने इस शादी के लिए 25 हज़ार रुपए दिए थे। एक दूल्हे ओमप्रकाश प्रजापति ने बताया कि उन्होंने मोबाइल पर भेजी गई तस्वीरों में से दुल्हन पसंद की थी। ओमप्रकाश प्रजापति से 12 हज़ार रुपये लिए गए थे। ओमप्रकाश प्रजापति से कहा गया था कि सादे कपड़ों में आना है। दूल्हे के कपड़े और बाकी रस्में यहीं होंगी। यहां तक कहा गया था कि पहले से हल्दी और मेहंदी भी नहीं लगानी है।
रविवार सुबह करीब आठ बजे जब 42 दूल्हे आयोजन स्थल पहुंचे तो वहां उन्हें आयोजन का काम संभाल रहे मुकेश बैरागी और उसकी पत्नी सुनीता मिले। मुकेश और सुनीता दूल्हों से लगातार कहते रहे कि दुल्हनें इंदौर से रवाना हो चुकी हैं और कुछ ही देर में पहुंच जाएंगी। दिन भर अलग-अलग बहाने बनाए जाते रहे। किसी समय कहा गया कि गाड़ियां रास्ते में हैं तो कभी कहा गया कि बाकी लोग आने वाले हैं। लेकिन रात तक कोई नहीं पहुंचा। दूल्हों ने फ्रॉड की आशंका जताते हुए हंगामा शुरू किया तब मुकेश ने स्वीकार किया कि इस पूरे मामले में सबके साथ धोखाधड़ी हुई है।
देवास के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने पत्रकारों को बताया कि- हमें सूचना मिली थी कि कुछ लोग शादी कराने के नाम पर इकट्ठा हुए हैं और वहां धोखाधड़ी की आशंका है। इस मामले में मुकेश बैरागी, सुनीता बैरागी, दिनेश बैरागी और एक अन्य व्यक्ति के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी की FIR दर्ज की गयी। मुख्य आरोपी मुकेश बैरागी और उसकी पत्नी सुनीता बैरागी को गिरफ़्तार किया गया है।
