महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने मंगलवार को विधानसभा को बताया कि जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच महाराष्ट्र में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के लगभग 10,505 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 2,379 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest) घोटाले, फर्जी निवेश योजनाएं, दुर्भावनापूर्ण APK फाइलें और धोखाधड़ी वाले ऑनलाइन लिंक से जुड़े साइबर अपराध पूरे राज्य के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
महाराष्ट्र के अहिल्या नगर जिले में अकेले वर्ष 2025 में लगभग 5,141 साइबर धोखाधड़ी शिकायतें दर्ज हुईं, जिनसे 37.76 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, अधिकारियों ने 7.02 करोड़ रुपये के लेन-देन को फ्रीज करने में सफलता हासिल की।
मुंबई में वर्ष 2025 के दौरान लगभग 4,825 साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए, जिनमें 1,031 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। पुलिस ने 1,410 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 110 करोड़ रुपये के लेन-देन को फ्रीज किया।
नागपुर में 136 मामले दर्ज हुए, जिनमें 82 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि Pune में 2026 के पहले पाँच महीनों में 536 साइबर धोखाधड़ी के मामले सामने आए और लगभग 200 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया।
इसके अलावा, Maharashtra Natural Gas Ltd के नाम पर भेजे गए फर्जी संदेशों और दुर्भावनापूर्ण फाइलों से जुड़े 17 मामलों में 88 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, राज्य सरकार ने म्हापे में महाराष्ट्र साइबर सुरक्षा परियोजना शुरू की है, ताकि साइबर अपराध जांच को मजबूत किया जा सके। इसके अतिरिक्त, लगभग 50 जिला साइबर लैब और पुलिस इकाइयों को आधुनिक फॉरेंसिक सुविधाओं से लैस किया गया है और साइबर कर्मियों को तकनीकी रूप से जटिल अपराधों की जांच के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
