बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आशीष चव्हाण ने भी बुधवार को दिशा सालियन की अस्वाभाविक मौत से संबंधित याचिका की सुनवाई से स्वयं को अलग (रिक्यूज़) कर लिया। यह याचिका दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन द्वारा दायर की गई थी। दिशा सालियन दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की सेलिब्रिटी मैनेजर थीं।
सतीश सालियन ने वर्ष 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख करते हुए अपनी बेटी के कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) से कराने की मांग की थी। उन्होंने 2020 में हुई बेटी की मौत के संबंध में FIR दर्ज करने के निर्देश भी मांगे। याचिका में आरोप लगाया गया कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप और हत्या हुई तथा मामले को कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए राजनीतिक रूप से दबाया गया। याचिका में राजनीतिक संरक्षण और तथ्यों को छिपाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
दिशा की 8 जून 2020 को उपनगरीय मालाड स्थित एक रिहायशी इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उस समय शहर पुलिस ने इसे आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) के रूप में दर्ज किया था।
बुधवार को जब यह मामला जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस आशीष चव्हाण की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ तब जस्टिस आशीष चव्हाण ने खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया।
इससे पहले इसी वर्ष 4 फरवरी को जस्टिस संदीप पाटिल ने भी इस याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था क्योंकि न्यायाधीश बनने से पहले वे CBI की ओर से विशेष लोक अभियोजक के रूप में पेश हो चुके थे।
उनसे पहले जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे ने भी न्यायिक कार्य आवंटन (ज्यूडिशियल असाइनमेंट) से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उस समय आपराधिक मामलों की सुनवाई किसी अन्य पीठ के पास थी और मामला उनकी अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सूचीबद्ध हुआ था।
इसके बाद मामला तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर, जो अब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश हैं, की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष गया, लेकिन उन्होंने भी प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।
बाद में याचिका जस्टिस ए. एस. गडकरी की अध्यक्षता वाली पीठ को सौंपी गई। 11 दिसंबर 2025 को अदालत ने कहा था कि किसी आदेश से पहले सभी आवश्यक मेडिकल रिपोर्टों को देखना होगा। उस समय राज्य सरकार ने समय मांगा था और कहा था कि ताजा मूल्यांकन के लिए भेजे गए साक्ष्यों की फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
अब यह याचिका सुनवाई के लिए किसी अन्य पीठ को सौंपी जाएगी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिशा सालियान के साथ “निर्दयता से दुष्कर्म किया गया, उनकी हत्या की गई और बाद में राजनीतिक संरक्षण के तहत मामले को दबाया गया।” याचिकाकर्ता का कहना है कि शुरुआत में उन्हें शहर पुलिस की जांच पर भरोसा था, लेकिन अब उन्हें लगता है कि वह केवल एक पर्दादारी (कवर-अप) थी।
