महाराष्ट्र में किसी भी स्कूल से 500 मीटर के दायरे में स्थित दुकानों पर ‘Sting’ एनर्जी ड्रिंक की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) मंत्री नरहरि झिरवाल ने शुक्रवार को विधानसभा में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। साथ ही, इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
विधानसभा में मंत्री नरहरि झिरवाल ने कहा, “यदि स्कूलों के आसपास छात्रों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थों या कैफीनयुक्त पेय पदार्थों की बिक्री पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।” वे विधायक विक्रम पाचपुते द्वारा स्टिंग एनर्जी ड्रिंक के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। इस दौरान विधायक राहुल कुल और वरुण सरदेसाई ने भी पूरक प्रश्न पूछे।
मंत्री नरहरि झिरवाल ने आगे कहा, “स्कूल परिसर और उसके आसपास बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थों तथा कैफीनयुक्त पेय पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यदि ऐसी बिक्री कहीं दिखाई देती है, तो इसकी सूचना खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को देने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और जिला परिषदों को भी निर्देशित किया गया है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
मंत्री नरहरि झिरवाल ने बताया कि वर्तमान में राज्य में खाद्य एवं औषधियों के नमूनों की जांच के लिए छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और मुंबई में तीन प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। इसके अलावा रायगढ़, नासिक, यवतमाल और पुणे में नई प्रयोगशालाएं शुरू की जाएंगी। साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत 22 और प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, जिससे खाद्य नमूनों की जांच प्रक्रिया और अधिक तेज होगी।
मंत्री नरहरि झिरवाल ने यह भी जानकारी दी कि अप्रैल 2025 से मई 2026 के दौरान स्टिंग एनर्जी ड्रिंक के 27 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए, जिनमें से 10 नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए। वहीं अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच विभिन्न एनर्जी ड्रिंक्स के 115 नमूनों की जांच की गई। इनमें से 63 नमूने मानक के अनुरूप, एक नमूना निम्न गुणवत्ता का और छह नमूने मिथ्या-लेबल (Misbranded) पाए गए हैं। शेष नमूनों की जांच अभी जारी है।
