मुंबई के पश्चिमी उपनगर में घर दिलाने के नाम पर ‘क्राइम पेट्रोल’ फेम अभिनेता सतीश नायकोडे के साथ करीब 25 लाख रुपये की ठगी हो गयी। आर्थिक और मानसिक तनाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने आत्महत्या करने की भी कोशिश की।
सतीश नायकोडे के अनुसार- काम की वजह से मैं वेस्टर्न लाइन में रहने का सोच रहा था। लोन लेकर अपना घर खरीदना चाहता था। मेरे पिता का घर था, लेकिन मैं अपना अलग घर लेना चाहता था। इसी दौरान मेरी मुलाकात सच्चिदानंद बामणे नाम के व्यक्ति से हुई। उसने मुझे चॉल का एक घर दिखाया, जो मेरे बजट में था। उसने सभी दस्तावेज दिखाए और कुछ लोगों से भी मिलवाया। सब कुछ सही लगा, इसलिए मैंने पैसे दे दिए।
सतीश नायकोडे ने आगे बताया- मेरे अनुमान के अनुसार करीब 47 परिवार इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। पहले चॉल वाला सौदा नहीं हुआ और पैसे भी वापस नहीं मिले। इसके बाद मुझे वाकोला में दूसरा फ्लैट दिखाने का झांसा दिया गया। जब पैसे वापस नहीं मिले तो मैंने कहा कि कम से कम घर ही दे दो। हमें स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के फ्लैट दिखाए गए। सरकारी स्टाम्प, दस्तावेज और अधिकारियों के हस्ताक्षर भी दिखाए गए। कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें जल्द ही फ्लैट मिल जाएगा, इसलिए हमें भी भरोसा हो गया।
सतीश नायकोडे ने बताया- हर महीने 40-45 हजार रुपये की EMI भर रहा हूं। मैंने इन लोगों को करीब 24.5 लाख रुपये दिए। उन्होंने वर्षों तक मुझे टालते रहे। आखिरकार 2025 की शुरुआत में बांद्रा पुलिस स्टेशन (हिल रोड) में मामला दर्ज कराया। पता नहीं न्याय मिलने में और कितने साल लगेंगे।
भावुक होते हुए सतीश नायकोडे ने कहा- मैंने खुद को खत्म करने की कोशिश की थी। लेकिन अपने बच्चों का चेहरा देखकर मैंने यह कदम रोक लिया। कलाकारों को कोई पेंशन या स्थायी सुरक्षा नहीं होती। इन लोगों ने मुझे पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
ठगी का पता चलने के बाद सतीश नायकोडे पिछले एक साल से न्याय की उम्मीद में पुलिस थानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिला है। सतीश नायकोडे को बताया गया कि उन्हें सांताक्रूज़ स्थित SRA परियोजना में घर दिलाया जाएगा। इसी सिलसिले में उनकी मुलाकात आस्था प्रॉपर्टीज के सच्चिदानंद बामणे से हुई। सच्चिदानंद बामणे ने सतीश नायकोडे से 25 लाख रुपये ठग लिए।
