कारोबारी के दफ्तर में फर्जी आयकर छापा मारकर 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में अंधेरी पुलिस ने दो आयकर अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आयकर निरीक्षक सुरेश महावीर प्रसाद मिश्रा (57) और सहायक सुनील मनोहर गोरे (59) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, जुलाई में कारोबारी के चकाला स्थित दफ्तर में करीब चार घंटे तक फर्जी IT रेड चलाने वाले गिरोह के छह आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि इस फर्जी छापे को अंजाम देने में दोनों आयकर अधिकारियों ने उनकी मदद की थी।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों अधिकारियों ने आरोपियों को कारोबारी की जानकारी मुहैया कराई थी, उन्हें प्रशिक्षण दिया था या पूरी साजिश में किसी अन्य तरीके से मदद की थी।
मामले में गिरफ्तार संतोष खोपटकर पहले कारोबारी राजकुमार कंडासामी (49) के यहां ड्राइवर था। नौकरी से निकाले जाने के बाद उसने कारोबारी से जुड़ी अपनी जानकारी का कथित तौर पर इस्तेमाल किया और साथियों के साथ मिलकर फर्जी IT रेड की साजिश रची।
17 जुलाई को आरोपी खुद को आयकर और पुलिस अधिकारी बताकर Two-M-Opthotronics Private Limited के चकाला स्थित कार्यालय पहुंचे। एक आरोपी ने कथित तौर पर सर्च वारंट दिखाया और कारोबारी से कहा कि आयकर उल्लंघन के मामले में कार्रवाई से बचने के लिए उसे 1 करोड़ रुपये देने होंगे।
कारोबारी ने पैसे देने से इन्कार करते हुए आधिकारिक नोटिस मांगा। इसके बाद आरोपियों ने उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी और कथित तौर पर 1.44 करोड़ रुपये जुर्माने की बात कही।
करीब चार घंटे तक कार्यालय में रहने के बाद आरोपी वहां से चले गए। आरोप है कि जाते समय उन्होंने कारोबारी के हस्ताक्षर एक खाली कागज पर भी ले लिए।
बाद में कारोबारी ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह ली। सीए ने आयकर विभाग से पुष्टि की कि ऐसी कोई रेड अधिकृत नहीं थी। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मामले में प्रतिरूपण, अपहरण, जबरन वसूली, आपराधिक साजिश, अवैध प्रवेश और आपराधिक धमकी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
