अनबिल महेश पोय्यामोझी
तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और डीएमके के वरिष्ठ नेता अनबिल महेश पोय्यामोझी को सोमवार को चेन्नई में केंद्रीय अपराध शाखा की पुलिस ने 100 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया। डीएमके की तिरुचिरापल्ली दक्षिण जिला इकाई के सचिव अनबिल महेश पोय्यामोझी को चेन्नई के अमिनजिकराई स्थित उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई मद्रास हाईकोर्ट द्वारा दिन में पहले ही अनबिल महेश पोय्यामोझी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद हुई। यह मामला निजी स्कूलों को मंजूरी और मान्यता दिलाने के नाम पर उनके प्रबंधन से करोड़ों रुपये वसूलने के घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि डीएमके के पिछले शासनकाल के दौरान, जब अनबिल महेश पोय्यामोझी स्कूल शिक्षा मंत्री थे, तब 1,000 से अधिक निजी स्कूलों से पार्टी फंड के नाम पर पैसे वसूले गए थे। इस मामले में अनबिल महेश पोय्यामोझी भी आरोपियों में शामिल हैं।
उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी घोटाले से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है।
सितंबर में ED ने तिरुचिरापल्ली और चेन्नई में अनबिल महेश पोय्यामोझी से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए थे। इसके बाद चेन्नई में उनसे 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी।
