महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी की एक महिला साइबर ठगी में 9.17 लाख रुपये गवां बैठी। ठगों ने ब्रिटेन में रहने वाले दूल्हे का रूप धारण कर एक वैवाहिक वेबसाइट के जरिए महिला को शादी और महंगे सोने के गहने देने का झांसा दिया। आरोपियों ने एक फर्जी प्रोफाइल बनाई, सोने के गहनों की तस्वीरें भेजकर परिवार का विश्वास जीता और बाद में झूठा दावा किया कि गहने लेकर भारत पहुंचने पर दूल्हे को एक भारतीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया है। इसके बाद उन्होंने परिवार से पैसे ऐंठे।
भिवंडी शहर के भोईवाड़ा पुलिस थाने में दर्ज FIR के अनुसार, पीड़िता ने उपयुक्त जीवनसाथी की तलाश में एक वैवाहिक वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। 15 जून 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने परिवार से संपर्क किया और दावा किया कि उसने वेबसाइट पर उनकी प्रोफाइल देखी है। उसने एक ऐसे युवक के बारे में बताया, जो कथित तौर पर यूनाइटेड किंगडम (UK) में नौकरी करता था और संभावित दूल्हा था।
परिवार का विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने व्हाट्सऐप के जरिए युवक की प्रोफाइल और उसकी तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि युवक ने होने वाली दुल्हन के लिए पहले ही सोने के गहने खरीद लिए हैं। कथित गहनों की तस्वीरें भी भेजी गईं, जिससे शादी का प्रस्ताव वास्तविक प्रतीत हुआ।
ठगों ने शुरुआत में पीड़िता को गहनों की डिलीवरी के लिए 16,000 रुपये ट्रांसफर करने के लिए राजी किया। दो दिन बाद उन्होंने फिर संपर्क किया और दावा किया कि सोने के गहनों के साथ भारत पहुंचने पर संभावित दूल्हे को हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। उन्होंने कहा कि उसकी रिहाई सुनिश्चित करने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल पैसे जमा करने होंगे।
शादी का प्रस्ताव टूट जाने के डर और आरोपियों की बातों को सच मानते हुए पीड़िता ने 16 और 17 जून को बार-बार पैसे ट्रांसफर किए। उसने आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में संचालित कई खातों में कुल 41 अलग-अलग बैंक लेनदेन के जरिए रकम भेजी।
कुल 9.17 लाख रुपये ट्रांसफर करने के बाद परिवार को संदेह हुआ, क्योंकि आरोपी अलग-अलग बहाने बनाकर लगातार और पैसे मांग रहे थे और कथित दूल्हे से संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। जब परिवार को एहसास हुआ कि वे एक सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
शिकायत के आधार पर भोईवाड़ा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं 66(C) और 66(D) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4) और 319(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
