मुंबई के अंधेरी (ईस्ट) में कारोबारियों से जबरन वसूली करने वाले एक गिरोह के खिलाफ MIDC पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA), 1999 के तहत कार्रवाई की है। आरोपी खुद को माथाड़ी कामगार यूनियन का सदस्य बताकर अंधेरी ईस्ट में कारोबार करने वाली कंपनियों से भारी रकम बतौर ‘प्रोटेक्शन मनी’ वसूलते थे।
मुंबई पुलिस के जोन-10 के पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े के अनुसार इस गिरोह में सात गिरफ्तार आरोपियों के अलावा चार फरार आरोपी शामिल हैं। सातों पर 17 अगस्त को MIDC परिसर में एक कारोबारी के साथ मारपीट करने का आरोप है। फरार आरोपियों में गिरोह का सरगना कन्नन चिन्णदुरई वन्नियार उर्फ बड़ा कन्ना भी शामिल है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सभी 11 कथित सदस्यों के खिलाफ पहले भी हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और गंभीर चोट पहुंचाने जैसे गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।
दत्ता नलावड़े ने बताया, “आरोपी माथाड़ी कामगार यूनियन के नाम पर काम करते थे और गिरोह का दबदबा कायम करने के इरादे से अंधेरी ईस्ट के कारोबारियों में आतंक पैदा करते थे। उन्होंने कई लोगों से जबरन पैसे वसूले थे।”
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह की गतिविधियां उस समय सामने आईं जब MIDC परिसर में कारोबार करने वाले 27 वर्षीय नदीम नसरुद्दीन शेख पर 17 अगस्त को लकड़ी के डंडों से हमला किया गया। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। हमले के मामले में सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में पता चला कि इन सात आरोपियों और चार फरार आरोपियों ने माथाड़ी कामगार यूनियन की आड़ में गैरकानूनी गतिविधियां चलाने के लिए एक संगठित गिरोह बनाया था।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना कन्नन चिन्णदुरई वन्नियार उर्फ बड़ा कन्ना अपने साथियों के साथ मिलकर अंधेरी ईस्ट के उद्योगपतियों, रियल एस्टेट डेवलपर्स और कारोबारियों के खिलाफ हिंसा, दबाव, आतंक और धमकी जैसी गतिविधियों में शामिल था।
जांचकर्ताओं का कहना है कि गिरोह कंपनी के वाहनों को जबरन रोकता था और उनसे ‘वरई’ यानी प्रोटेक्शन मनी वसूलता था। इस दौरान तलवार, चाकू और अन्य हथियारों से मारपीट किए जाने के मामले भी सामने आए, जिससे इलाके में आतंक का माहौल बना हुआ था।
इसके बाद सक्षम प्राधिकारी से MCOCA की धारा 23(1) के तहत मंजूरी मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ MCOCA की धाराओं 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
