आर्थिक तंगी से परेशान 23 वर्षीय युवक ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन लोन का विज्ञापन देखकर 60 हजार रुपये का लोन लिया, लेकिन साइबर ठगों के जाल में ऐसा फंसा कि करीब 18 महीनों में 56 लाख गंवा बैठा। ठगों ने युवक के मोबाइल की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट तक पहुंच हासिल कर उसके और उसके रिश्तेदारों की तस्वीरों को अश्लील तरीके से मॉर्फ किया और उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर लगातार पैसे ऐंठते रहे।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित नांदेड का रहने वाला है। मार्च 2025 में उसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक ऑनलाइन लोन ऐप का विज्ञापन दिखाई दिया। आर्थिक जरूरत के चलते उसने ऐप डाउनलोड कर 60 हजार रुपये के लोन के लिए आवेदन किया। लोन मंजूर होने के बाद प्रोसेसिंग फीस काटकर उसके खाते में केवल 50 हजार रुपये जमा किए गए।
युवक ने आठ दिनों के भीतर ब्याज समेत 60 हजार रुपये की पूरी रकम चुका दी। इसके करीब एक महीने बाद लोन ऐप से जुड़े लोगों ने उससे दोबारा 60 हजार रुपये की मांग की। युवक ने पहले ही भुगतान किए जाने का सबूत दिया और अतिरिक्त रकम देने से इन्कार कर दिया।
इसके बाद साइबर ठगों ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, ऐप इंस्टॉल करते समय हासिल की गई अनुमतियों के जरिए ठगों ने उसके मोबाइल की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट तक पहुंच बना ली थी। उन्होंने उसकी निजी तस्वीरों को अश्लील रूप में मॉर्फ कर उसके ही व्हाट्सऐप नंबर पर भेजा।
बदनामी के डर से युवक ने शुरुआत में 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने उसके दोस्तों और परिवार के सदस्यों की तस्वीरें भी मॉर्फ कर उन्हें भेजना शुरू कर दिया और लगातार रकम की मांग करते रहे।
पुलिस के मुताबिक, मार्च 2025 से 5 सितंबर 2026 तक ठगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से युवक को धमकाया। करीब डेढ़ साल में उससे 255 अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कराए गए और परिवार की जमा पूंजी के 56 लाख रुपये कई बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
मामले में साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
