महाराष्ट्र में राजस्व विभाग के अधिकारी सबसे भ्रष्ट, ACB ने सितंबर तक दर्ज किए 543 ट्रैप केस

 

महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रहे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से सितंबर तक राज्य में रिश्वतखोरी से जुड़े 543 ट्रैप केस दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले राजस्व एवं भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों से जुड़े हैं। इसके बाद पुलिस, पंचायत समिति और महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) के अधिकारी हैं।

ACB के आंकड़ों के अनुसार, 543 ट्रैप मामलों में कुल 775 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें 133 निजी व्यक्ति भी शामिल हैं। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि ट्रैप मामलों में सबसे ज्यादा क्लास-III के सरकारी अधिकारी (386) शामिल हैं। इसके बाद क्लास-II के 92, क्लास-I के 53 और क्लास-IV के 29 अधिकारी हैं।

विभागवार आंकड़ों में राजस्व एवं भूमि अभिलेख विभाग 133 मामलों के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद पुलिस के 86, पंचायत समिति के 59, MSEDCL के 36, शिक्षा विभाग के 28, नगर निगमों के 26, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के 21 और वन विभाग के 19 मामले दर्ज किए गए हैं।

543 ट्रैप मामलों में मांगी गई रिश्वत की कुल रकम 3.08 करोड़ रुपये बताई गई है। सबसे ज्यादा रिश्वत की रकम पुलिस विभाग से जुड़े मामलों में 70.29 लाख रुपये है। इसके बाद वन विभाग में 53.49 लाख, राजस्व एवं भूमि अभिलेख विभाग में 37.65 लाख, बिक्री कर विभाग में 21.36 लाख, लोक निर्माण विभाग में 21.22 लाख, MSEDCL में 14.22 लाख, नगर निगमों में 13.16 लाख और पंचायत समिति से जुड़े मामलों में 12.19 लाख रुपये की रिश्वत शामिल है।

क्षेत्रवार देखें तो सबसे ज्यादा 113 ट्रैप केस नासिक रेंज में दर्ज किए गए। इसके बाद पुणे में 95, छत्रपति संभाजीनगर में 84, ठाणे में 75, अमरावती में 56, नागपुर में 50, नांदेड में 43 और मुंबई में 27 मामले दर्ज हुए हैं।

ACB ने इस साल आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के सात मामले भी दर्ज किए हैं। इनमें तीन मामले राजस्व एवं भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों के खिलाफ हैं। इन मामलों में शामिल कुल संपत्ति/रकम का मूल्य 7.40 करोड़ रुपये बताया गया है।

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