कांस्टेबल सुभाष घाडगे
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर के कैलाश कॉलोनी में हुई गोलीबारी और दोहरे हत्याकांड के मामले में आरोपियों को कथित तौर पर पुलिस की गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में एक पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना में दो भाइयों की सार्वजनिक स्थान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
बता दें कि क्राइम डिटेक्शन टीम का हिस्सा रहे पुलिस कांस्टेबल सुभाष वामन घाडगे को पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे ने निलंबित कर दिया। जांच के दौरान बरामद CCTV फुटेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग की पड़ताल के बाद यह कार्रवाई की गई।
आरोपियों और सुभाष घाडगे के बीच कथित संबंधों का खुलासा 22 मई को उल्हासनगर के कैंप-5 स्थित कैलाश कॉलोनी में हुई गोलीबारी की जांच के दौरान हुआ। इस घटना में 22 वर्षीय अनिल हरकेश चौहान और 17 वर्षीय अमन हरकेश चौहान की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। गोलीबारी की घटना पुरानी रंजिश और इलाके में वर्चस्व को लेकर हुए विवाद का परिणाम थी।
हिल लाइन पुलिस ने परिसर में लगे 11 CCTV कैमरों से जुड़े डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) जब्त किए थे। इन कैमरों में आरोपी दीपक ठाकुर से संबंधित परिसर की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई थीं।
फुटेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच करने वाले अधिकारियों के अनुसार सुभाष घाडगे को आधी रात के आसपास दीपक ठाकुर के केसी ग्रुप कार्यालय में जाते हुए पाया गया।
रिकॉर्डिंग में सुभाष घाडगे को दीपक ठाकुर, सुभाष कोली और उनके सहयोगियों से मुलाकात करते हुए दिखाया गया है। इन मुलाकातों के बाद जांचकर्ताओं ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की कि क्या सुभाष घाडगे ने अपने आधिकारिक पद का इस्तेमाल कर आरोपियों को गोपनीय जानकारी मुहैया कराई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, सुभाष घाडगे पहले हिल लाइन पुलिस स्टेशन में तैनात था और वर्तमान में उसे सेंट्रल पुलिस स्टेशन से संबद्ध किया गया है।
निलंबन आदेश के अनुसार सुभाष घाडगे पर दर्ज आपराधिक मामलों के बारे में जानकारी साझा करने का आरोप है।
आदेश में आरोप लगाया गया है कि इस जानकारी का इस्तेमाल एक स्थानीय YouTube चैनल पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाते हुए रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए किया गया। इसके जरिए संबंधित पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
सुभाष घाडगे पर सेंट्रल, हिल लाइन और विठ्ठलवाड़ी पुलिस थानों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों से जुड़ी गोपनीय और व्यक्तिगत जानकारी उजागर करने का भी आरोप है।
उल्हासनगर, जोन-4 के पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे ने कदाचार के आरोप में सुभाष घाडगे के निलंबन का आदेश दिया।
