प्रकाश पवार
महाराष्ट्र के पालघर जिले के मीरा-भायंदर, वसई-विरार (MBVV) पुलिस आयुक्तालय के मुख्यालय में तैनात पुलिस कांस्टेबल प्रकाश पवार को भायंदर पूर्व में मेफेड्रोन (एमडी) बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने प्रकाश पवार और उसके साथी अखिलेश कुमार को गिरफ्तार किया। उनके पास से 9.2 ग्राम मादक पदार्थ और अन्य सामान बरामद किया गया, जिसकी कुल कीमत 1.32 लाख रुपये आंकी गई है।
ANC के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशीलकुमार शिंदे को सूचना मिली थी कि प्रकाश पवार मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल है। इसके बाद पुलिस टीम ने भायंदर पूर्व के गोल्डन नेस्ट इलाके में गैस गोदाम के पास एक गली में स्थित हनुमान मंदिर के नजदीक उसे हिरासत में लिया।
प्रकाश पवार के बताये अनुसार जोगेश्वरी निवासी अखिलेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 9.2 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी), नकदी, एक दोपहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए। जब्त सामान की कुल कीमत 1.32 लाख रुपये बताई गई है।
इस मामले में नवघर पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को मीरा-भायंदर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक किशोर धायगुडे कर रहे हैं।
प्रकाश पवार वर्ष 2010 में पुलिस बल में भर्ती हुआ था और इससे पहले मीरा रोड पुलिस थाने में तैनात था। हाल ही में उसका तबादला कनकिया पुलिस थाने से पुलिस आयुक्तालय के मुख्यालय में किया गया था। मादक पदार्थों की बिक्री में उसकी संलिप्तता का मामला सामने आने के समय वह पुलिस मुख्यालय में ही तैनात था।
इसी तरह अगस्त 2026 में जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन में कार्यरत कॉन्स्टेबल किरण इंदुलकर को भी मालवणी पुलिस ने 5 ग्राम MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था।
