मुंबई की विशेष अदालत ने मंगलवार को वर्ष 2024 में तत्कालीन डेवलपमेंट कमिश्नर एन.पी.एस. मोंगा और पूर्व संयुक्त विकास आयुक्त एवं एस्टेट मैनेजर वी.पी. शुक्ला के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में दर्ज मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली। CBI का आरोप था कि दोनों पूर्व अधिकारियों ने वर्ष 2016-17 के दौरान SEEPZ की इमारतों की मरम्मत और छतों की वॉटरप्रूफिंग के कार्य में एक अयोग्य एजेंसी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। CBI के अनुसार, संबंधित प्राधिकरण…
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