एक होमगार्ड की शिकायत पर दहिसर पुलिस ने बृहन्मुम्बई महानगर पालिका (BMC) स्कूल की प्रिंसिपल और उसके तीन रिश्तेदारों के खिलाफ 2.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की FIR दर्ज की है। FIR के अनुसार आरोपियों ने दावा किया था कि उनके मंत्रालय में संपर्क हैं। जब नौकरी नहीं लगी, तब रिश्वत के तौर पर ली गई रकम लौटाने से भी इन्कार कर दिया।
प्रिंसिपल कमलाबाई राठौड़ ने होमगार्ड वैभव गोरेगांवकर को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर यह धोखाधड़ी की।
FIR के अनुसार 39 वर्षीय होमगार्ड वैभव गोरेगांवकर दहिसर (पूर्व) का निवासी है। वह वर्ष 2019 में कमलाबाई राठौड़ से मिला था, जब उसकी ड्यूटी उस BMC स्कूल में लगी थी, जहां वह प्रिंसिपल थीं। कमलाबाई राठौड़ ने वैभव गोरेगांवकर से कहा था कि वह उसे सरकारी नौकरी दिला सकती हैं क्योंकि उनकी तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निजी सहायक से नजदीकी है। साथ ही उनके पति रमेशचंद्र राठौड़, बेटे धर्मेश राठौड़ और भतीजे विक्की राठौड़ के मंत्रालय में अच्छे संपर्क हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया- प्रिंसिपल कमलाबाई राठौड़ और उनके रिश्तेदारों ने विभव गोरेगांवकर से कहा कि राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) में नौकरी दिलाने के लिए 8 लाख रुपये लगेंगे। बाद में यह रकम घटाकर 6 लाख रुपये तय की गई। वैभव गोरेगांवकर से कहा गया कि वह तुरंत 3 लाख रुपये दे और बाकी 3 लाख रुपये नौकरी पक्की होने के 45 दिनों बाद दे।
साल 2023 में होमगार्ड वैभव गोरेगांवकर ने कमलाबाई राठौड़ और अन्य आरोपियों को 3.22 लाख रुपये दे दिए, लेकिन 45 दिन बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। इसके बाद उसने पैसे वापस मांगे। शुरुआत में आरोपियों ने उसे एक चेक दिया और बाद में केवल 70,000 रुपये लौटाए। इसके बाद वैभव गोरेगांवकर ने गुरुवार को दहिसर पुलिस में FIR दर्ज करा दी।
