प्रेम में धोखा खाये युवक ने लीक किया ड्रग इंस्पेक्टर की परीक्षा का पेपर, MPSC के तीन अधिकारी भी गिरफ्तार !!

 

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर (DI) पद की परीक्षा के पेपर लीक मामले में मुंबई पुलिस की विशेष टीम ने बुधवार को छह लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें MPSC के तीन अधिकारी भी शामिल हैं। खास बात यह है कि अपनी गर्लफ्रेंड के लिए कुछ करने की इच्छा में एक युवक ने MPSC के अधिकारियों से सांठगांठ की और DI पद की परीक्षा के कुछ प्रश्न अपनी प्रेमिका को उपलब्ध करा दिए। युवती परीक्षा में सातवें स्थान पर आई, DI बन गई और उसने युवक से ब्रेकअप कर लिया। प्रेम में निराश युवक ने इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना देकर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) में ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-बी कैडर की स्क्रीनिंग परीक्षा 22 मार्च 2026 को MPSC के माध्यम से आयोजित की गई थी। हालांकि, परीक्षा से कुछ दिन पहले विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए प्रश्न-पत्र से कुछ प्रश्न हासिल करके उनका अलग प्रश्न-पत्र तैयार किया गया और उसे आगे अन्य लोगों को दिया गया। ऐसी जानकारी लोकेश उर्फ गौरव पाटिल नामक युवक ने MPSC को दी। इस जानकारी की सत्यता की जांच के लिए मामले की जांच मुंबई अपराध शाखा को सौंपी गई।

पुलिस उपायुक्त राज तिलक रौशन के मार्गदर्शन में प्रॉपर्टी सेल के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मंगेश देसाई के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने गौरव पाटिल को हिरासत में लेकर प्रारंभिक पूछताछ की। पूछताछ में गौरव द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता भंग की गई थी।

आरोपियों में शामिल और पेपर लीक की जानकारी देने वाले लोकेश उर्फ गौरव पाटिल तथा एक युवती के बीच प्रेम संबंध थे। यह युवती ड्रग इंस्पेक्टर पद की परीक्षा में शामिल हुई थी। गौरव पाटिल ने सोचा कि उसे उसके लिए कुछ करना चाहिए और उसने इसकी योजना बनाई। प्रवीण पाटिल के माध्यम से MPSC के अधिकारियों से सांठगांठ करके उसने कुछ प्रश्न हासिल किए और उन्हें युवती को दे दिया। युवती परीक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुई। गौरव पाटिल को लगा था कि इससे दोनों की नजदीकी और बढ़ेगी। लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर बनते ही युवती ने प्रेम संबंध तोड़ लिया। इससे नाराज गौरव ने खुद MPSC को इस मामले की जानकारी दे दी।

परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होने का पता चलने के बाद मुंबई अपराध शाखा की ओर से इस मामले में महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (कदाचार की रोकथाम) अधिनियम, 2024, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कफ परेड पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। मोबाइल फोन, उसके जरिए हुई बातचीत, पैसों के लेन-देन तथा अन्य तकनीकी सबूतों और संदिग्धों से की गई पूछताछ में MPSC के अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई।

कुछ दिन पहले किसान नेता रविकांत तुपकर ने इंस्टाग्राम के जरिए इस मामले की जानकारी साझा करते हुए आरोपी गौरव पाटिल और उसकी प्रेमिका के चैट के स्क्रीनशॉट भी साझा किए थे।

पुलिस ने MPSC के सहायक कक्ष अधिकारी विश्वेश्वर नकाते, अवर सचिव अभिजित लेंडवे और सहायक कक्ष अधिकारी गोपाल मराठे को गिरफ्तार किया। इसके अलावा प्रवीण दिलीप पाटिल (संचालक, कौटिल्य अकादमी, नंदूरबार), अमृत पाटिल और लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल की भी इस अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को बुधवार को सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

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